JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। भाजपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक जिले में आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने सरकार पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने और अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए हैं। भाजपा का कहना है कि विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के बावजूद जब सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो अब पार्टी इन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरेगी।
हर जिले में आंदोलन करेगी भाजपा
श्रीनगर में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुनील शर्मा ने बताया कि भाजपा के जिला अध्यक्षों और महासचिवों की बैठक में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। पार्टी अब जिला स्तर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष ने आम लोगों की समस्याओं को उठाने का प्रयास किया, लेकिन सरकार ने इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, सरकार जनता को राहत देने के बजाय अधिकारियों के तबादलों और अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अब जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों और उसके कामकाज पर सवाल उठाएगी। पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सामने लाया जाएगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए कभी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलने और कभी प्रशासनिक नियमों का हवाला देती है।
शर्मा ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की। उनका आरोप है कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही और अपनी कमियों के लिए दूसरे पक्षों को जिम्मेदार ठहरा रही है।
हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं। इन पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
परिसीमन के मुद्दे पर भी साधा निशाना
जम्मू-कश्मीर में परिसीमन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परिसीमन की प्रक्रिया गलत थी, तो नेशनल कॉन्फ्रेंस को चुनाव में इसका लाभ कैसे मिला।
शर्मा ने मुख्यमंत्री के उन आरोपों पर सवाल उठाए, जिनमें परिसीमन की प्रक्रिया को भाजपा के पक्ष में लाभ पहुंचाने वाला बताया जाता रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि यदि परिसीमन से भाजपा को ही लाभ पहुंचाना उद्देश्य था, तो फिर नेशनल कॉन्फ्रेंस सत्ता में कैसे आई।
इस मुद्दे को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में पहले से ही मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। ऐसे में भाजपा के ताजा बयान से दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर भी उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत के दौरान शर्मा ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों से जुड़े सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों के पीछे राष्ट्रहित से जुड़े उद्देश्य नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं में अशांति फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी गतिविधियां देश में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं। भाजपा नेता ने नेपाल और बांग्लादेश में पैदा हुए हालात का उल्लेख करते हुए भी अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त सहित संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की।
मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का किया समर्थन
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर सुनील शर्मा ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में ऐसे नामों की जांच होनी चाहिए, जो मृत हो चुके हैं, दूसरी जगह स्थानांतरित हो गए हैं या जिनका पता नहीं चल रहा है।
उन्होंने अवैध मतदाताओं को मतदान का अधिकार दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों को सही और अद्यतन बनाए रखना जरूरी है। शर्मा ने मृत, स्थानांतरित और लापता मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया।
इस मुद्दे पर भी राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न दलों की मांगों और आपत्तियों के बीच यह विषय राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।
कांग्रेस और पीडीपी पर भी लगाए आरोप
सुनील शर्मा ने कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने और जनता का समर्थन कम होने के बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने के आरोप लगाए।
भाजपा नेता के बयानों से स्पष्ट है कि पार्टी आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को तेज करने की तैयारी में है। हर जिले में आंदोलन का ऐलान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या होगी भाजपा की रणनीति?
भाजपा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के ऐलान के बाद अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी किन जिलों में और किस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए प्रदर्शन शुरू करती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि उमर अब्दुल्ला सरकार भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और जनता से जुड़े मुद्दों पर क्या कदम उठाती है।
फिलहाल, भाजपा ने विधानसभा से लेकर सड़क तक संघर्ष करने का संकेत दिया है। आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है।


