JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर में तैनात करीब 32 हजार स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (SPOs) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे एसपीओ के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एसपीओ के वेतन में वृद्धि से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब यह प्रस्ताव अंतिम वित्तीय स्वीकृति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया है। वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में आगे का फैसला लिया जा सकता है।
एसपीओ जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें से बड़ी संख्या में जवान दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों, आतंकवाद प्रभावित इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीमित वेतन के बावजूद वे आतंकवाद विरोधी अभियानों, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस के अन्य कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रशासन और पुलिस विभाग की सिफारिशों के बाद आगे बढ़ा प्रस्ताव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से एसपीओ के वेतन में बढ़ोतरी की जरूरत को लेकर सिफारिशें की गई थीं। इन सिफारिशों में एसपीओ की जिम्मेदारियों, उनके काम की संवेदनशील प्रकृति और सुरक्षा अभियानों के दौरान सामने आने वाले जोखिमों को प्रमुखता से उठाया गया था।
इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर पर वेतन वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया गया। गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे अंतिम वित्तीय स्वीकृति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है। हालांकि, अभी तक वेतन में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी की राशि को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अभी 6 हजार से 18 हजार रुपये तक मिलता है वेतन
वर्तमान व्यवस्था के तहत जम्मू-कश्मीर में तैनात एसपीओ को उनकी सेवा अवधि के आधार पर प्रतिमाह लगभग 6,000 रुपये से 18,000 रुपये तक वेतन मिलता है। लंबे समय से उनके वेतन और सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर हजारों एसपीओ को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उनका वेतन कितना बढ़ेगा और नई वेतन व्यवस्था कब से लागू होगी, इसका पता वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी तथा सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेश के बाद ही चल सकेगा।
वेतन के साथ अतिरिक्त भत्तों पर भी विचार
वेतन वृद्धि के प्रस्ताव में केवल मासिक वेतन बढ़ाने तक ही सीमित रहने के बजाय अतिरिक्त भत्तों और अन्य सुविधाओं पर भी विचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य एसपीओ के आर्थिक हितों और कल्याण से जुड़े पहलुओं को बेहतर बनाना है।
जम्मू-कश्मीर के दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात एसपीओ को कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्हें कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में वेतन और अन्य सुविधाओं में सुधार से उन्हें राहत मिल सकती है।
इसके अलावा, एसपीओ के कल्याण के लिए नियमित पुलिस भर्ती में आरक्षण और अन्य सुविधाओं से जुड़े प्रावधान भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हालांकि, प्रस्तावित पैकेज के तहत कौन-कौन से अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
अमित शाह के जम्मू दौरे से पहले घटनाक्रम तेज
एसपीओ के वेतन में बढ़ोतरी से जुड़ा यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित जम्मू दौरे से पहले सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमित शाह कठुआ जिले की बिलावर तहसील के महानपुर में बनी उच्च सुरक्षा वाली जेल का उद्घाटन करने वाले हैं।
ऐसे में एसपीओ के वेतन वृद्धि प्रस्ताव को लेकर सरकार के अगले कदम पर नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, वेतन बढ़ोतरी की घोषणा अमित शाह के दौरे के दौरान ही होगी या वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद अलग से आदेश जारी किया जाएगा, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के बजट में भी हुई बढ़ोतरी
जम्मू-कश्मीर पुलिस के बजट में भी वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को 9,925.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 9,097 करोड़ रुपये थी।
इस तरह पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान की तुलना में मौजूदा वित्त वर्ष के आवंटन में 828.50 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी जरूरतों और अन्य विभागीय खर्चों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस अतिरिक्त बजट का कितना हिस्सा एसपीओ के वेतन और कल्याण पर खर्च किया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
अंतिम मंजूरी के बाद साफ होगी तस्वीर
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में तैनात करीब 32 हजार एसपीओ के वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय को लेना है। मंजूरी मिलने पर वेतन वृद्धि और अतिरिक्त सुविधाओं को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
फिलहाल एसपीओ और उनके परिवारों को सरकार के अगले फैसले का इंतजार है। वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी, अतिरिक्त भत्तों, नई व्यवस्था के लागू होने की तारीख और इससे संबंधित अन्य शर्तों की स्थिति आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


