JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर की मौजूदा रणजी ट्रॉफी चैंपियन टीम के लिए नए सत्र की शुरुआत निराशाजनक रही। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में मध्य प्रदेश के खिलाफ खेला गया चार दिवसीय मुकाबला बारिश के कारण ड्रॉ पर समाप्त हुआ। हालांकि, बारिश ने जम्मू-कश्मीर को संभावित हार से बचा लिया, लेकिन टीम की कमजोर बल्लेबाजी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश ने पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए, जबकि जम्मू-कश्मीर को केवल एक अंक से संतोष करना पड़ा।
मौजूदा चैंपियन जम्मू-कश्मीर को अपने पहले ही मुकाबले में बल्लेबाजी के मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ा। टीम पहली पारी में महज 120 रन पर सिमट गई थी, जबकि मध्य प्रदेश ने पहली पारी में 196 रन बनाकर 76 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। इसके बाद मध्य प्रदेश ने दूसरी पारी में भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर के सामने 325 रन का लक्ष्य रखा।
दूसरी पारी में भी नहीं संभली जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी
325 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जम्मू-कश्मीर की टीम दूसरी पारी में भी दबाव से बाहर नहीं निकल सकी। टीम ने 34 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर केवल 88 रन बनाए। इस दौरान कई प्रमुख बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए। मुकाबले के अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर की टीम लगातार विकेट गंवाती रही और उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी।
टीम के प्रतिभाशाली बल्लेबाज शुभम खजुरिया के लिए यह मुकाबला खास तौर पर निराशाजनक रहा। वह पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी बिना खाता खोले आउट हो गए। हरफनमौला खिलाड़ी अब्दुल समद भी दूसरी पारी में अपना खाता नहीं खोल सके। इन दोनों खिलाड़ियों के जल्दी आउट होने से टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं।
विकेटकीपर बल्लेबाज कन्हैया वधावन 27 रन बनाकर नाबाद रहे। हालांकि, मध्य प्रदेश के कप्तान शुभम शर्मा की अंदर आती गेंद उनके दाहिने हाथ के अंगूठे पर लग गई, जिसके कारण उन्हें चोट के चलते मैदान छोड़ना पड़ा। लोन नासिर ने 54 गेंदों का सामना करते हुए 13 रन बनाए।
मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने बरपाया कहर
मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने पूरे मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। दूसरी पारी में आवेश खान और आर्यन पांडेय ने तीन-तीन विकेट हासिल किए, जबकि रवि किरण को एक विकेट मिला। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी क्रम बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहा।
पहली पारी में भी मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने जम्मू-कश्मीर को केवल 120 रन पर समेट दिया था। दोनों पारियों में बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बन गया है।
कप्तान शुभम शर्मा का शतक, मध्य प्रदेश ने बनाया मजबूत स्कोर
मध्य प्रदेश की दूसरी पारी में कप्तान शुभम शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद शतक जड़ा। उन्होंने 200 गेंदों पर सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 106 रन बनाए। उनके अलावा सारांश जैन ने 35 और अर्थव महाजन ने 34 रन का योगदान दिया।
मध्य प्रदेश ने दूसरी पारी में छह विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और जम्मू-कश्मीर के सामने 325 रन का लक्ष्य रखा। जम्मू-कश्मीर की ओर से गेंदबाजी में आकिब नबी ने तीन विकेट हासिल किए। सुनील कुमार को दो और रोहित शर्मा को एक विकेट मिला।
खराब रोशनी और बारिश ने बदला मुकाबले का रुख
मुकाबले के अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर की दूसरी पारी के दौरान मौसम ने अहम भूमिका निभाई। जब टीम 21 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 50 रन बना चुकी थी, तब दोपहर करीब 2:40 बजे खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा। लगभग आधे घंटे बाद 3:10 बजे मुकाबला दोबारा शुरू हुआ।
हालांकि, खेल शुरू होने के बाद भी जम्मू-कश्मीर की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। टीम ने 34 ओवर में सात विकेट खोकर केवल 88 रन बनाए थे कि अचानक बारिश शुरू हो गई। इसके बाद मुकाबले को आगे नहीं बढ़ाया जा सका और मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया। इस तरह बारिश ने जम्मू-कश्मीर को हार से बचा लिया, लेकिन टीम का प्रदर्शन उसकी कमजोरियों को उजागर कर गया।
विदर्भ के खिलाफ अगले मुकाबले में होगी कड़ी परीक्षा
जम्मू-कश्मीर की टीम अब 28 अक्टूबर को अपने अगले रणजी ट्रॉफी मुकाबले में विदर्भ से भिड़ेगी। यह मुकाबला श्रीनगर में खेला जाना है। विदर्भ की टीम अपने पहले मैच में पुडुचेरी को 160 रन से हराकर छह अंक हासिल कर चुकी है।
ऐसे में जम्मू-कश्मीर के लिए आगामी मुकाबला काफी महत्वपूर्ण होगा। टीम को अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने और प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मौजूदा चैंपियन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी पुरानी लय हासिल करने और खिताब की रक्षा के अभियान को मजबूती देने की होगी।


