जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले दिन ही नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने हंगामा मचा दिया। दोनों दलों के विधायकों ने विधायक मेहराज मलिक की रिहाई की मांग करते हुए मौन धरना दिया। आरोप लगाया गया कि मलिक को बिना कारण हिरासत में रखा गया है, और सरकार से उन्हें तुरंत रिहा करने की अपील की गई।
नेकां ने विधायक की स्वास्थ्य चिंता का हवाला देते हुए उचित चिकित्सा सुविधा की मांग की, जिसे कांग्रेस ने भी समर्थन दिया। धरने के दौरान विधायकों ने तख्तियों पर लिखा:
“वोट का सम्मान करें, आवाज़ का सम्मान करें, मेहराज मलिक को रिहा करें!”
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेहराज मलिक एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। लोकतंत्र में सबसे बड़ी जवाबदेही यह है कि लोग अपने चुने हुए प्रतिनिधि का समर्थन करें। हमारी अपील है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए ताकि वह विधानसभा में अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।”
धरने का मकसद साफ था: मेहराज मलिक को हिरासत से बाहर लाकर विधानसभा में वापस लाना और जनता के प्रतिनिधि के रूप में उनके अधिकारों की रक्षा करना।
इस मसले ने पहले ही दिन विधानसभा की कार्यवाही में सियासी रंग जमाया, और देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है।


