JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
उधमपुर से बनिहाल तक सुरक्षित आवागमन के लिए एनएचएआई की पहल, उधमपुर जिले में पांच और रामबन में बनाए जाएंगे 16 फुटब्रिज; नवंबर तक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले पैदल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उधमपुर से बनिहाल तक राजमार्ग पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 21 फुटब्रिज बनाने की योजना तैयार की है। इस परियोजना पर करीब 65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फुटब्रिज बनने से राजमार्ग के दोनों ओर स्थित बस्तियों, बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सड़क पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता मिलने की उम्मीद है।
जम्मू संभाग को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र का एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी वाहन, यात्री बसें, मालवाहक वाहन और पर्यटक आवाजाही करते हैं। यातायात का दबाव अधिक होने और वाहनों की तेज रफ्तार के कारण कई स्थानों पर पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में फुटब्रिज का निर्माण सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
86 किलोमीटर के हिस्से में होगा निर्माण
एनएचएआई की योजना के अनुसार, उधमपुर से बनिहाल के बीच करीब 86 किलोमीटर लंबे राजमार्ग खंड पर कुल 21 फुटब्रिज बनाए जाएंगे। इनमें पांच फुटब्रिज उधमपुर जिले में जखैनी से चनैनी-नाशरी सुरंग तक और 16 फुटब्रिज रामबन जिले में नाशरी सुरंग से बनिहाल के बीच बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य उन स्थानों पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है, जहां राजमार्ग के दोनों ओर आबादी, दुकानें और छोटी-बड़ी बाजारें मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई बार राजमार्ग पार करना पड़ता है। फुटब्रिज उपलब्ध होने से उन्हें तेज रफ्तार यातायात के बीच से गुजरने की मजबूरी से राहत मिल सकती है।
उधमपुर जिले में पांच फुटब्रिज, 14 करोड़ रुपये होंगे खर्च
परियोजना के तहत उधमपुर जिले में जखैनी से चनैनी-नाशरी सुरंग तक पांच फुटब्रिज बनाए जाएंगे। इस हिस्से में निर्माण कार्य पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।
उधमपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कई स्थानों पर लोगों की नियमित आवाजाही रहती है। स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को कई बार सड़क के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए तेज रफ्तार वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है। ऐसे में फुटब्रिज बनने से लोगों को सड़क पार करने के लिए एक निर्धारित और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।
इस सुविधा से स्थानीय लोगों के साथ-साथ जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर जाने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि फुटब्रिज का निर्माण किन स्थानों पर किया जाता है और वहां तक पहुंचने की व्यवस्था कितनी सुविधाजनक रहती है।
रामबन जिले में बनेंगे 16 फुटब्रिज
परियोजना का बड़ा हिस्सा रामबन जिले में प्रस्तावित है। नाशरी सुरंग से बनिहाल तक 16 फुटब्रिज बनाए जाने की योजना है। इस हिस्से में निर्माण पर करीब 51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रामबन का क्षेत्र पहाड़ी भूभाग और घुमावदार सड़कों के लिए जाना जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास कई स्थानों पर आबादी और छोटे बाजार बसे हुए हैं। यहां स्थानीय लोगों के साथ राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों की भी आवाजाही रहती है। सड़क पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने पर पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फुटब्रिज बनने के बाद ऐसे स्थानों पर लोगों को सड़क के ऊपर से सुरक्षित तरीके से दूसरी ओर जाने की सुविधा मिल सकेगी। इससे राजमार्ग पर अचानक पैदल यात्रियों के सामने आने की घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिल सकती है।
टेंडर प्रक्रिया शुरू, नवंबर तक काम शुरू होने की उम्मीद
एनएचएआई ने प्रस्तावित फुटब्रिज के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद नवंबर तक निर्माण कार्य के लिए संबंधित कंपनी को ठेका आवंटित किए जाने की उम्मीद है।
ठेका आवंटित होने के बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक समयसीमा टेंडर प्रक्रिया पूरी होने, ठेका आवंटन और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक शुभम यादव के अनुसार, फुटब्रिज निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। विभाग का प्रयास है कि नवंबर तक प्रक्रिया पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि लोगों की लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को पूरा किया जा सके।
स्थानीय बाजारों और बस्तियों को मिलेगा फायदा
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कई स्थानों पर छोटी-बड़ी दुकानें, बाजार और रिहायशी बस्तियां स्थित हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खरीदारी, कामकाज और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए नियमित रूप से राजमार्ग के दोनों ओर जाना पड़ता है।
फुटब्रिज की सुविधा मिलने से स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने का विकल्प मिलेगा। इससे पैदल यात्रियों को यातायात के बीच से गुजरने की आवश्यकता कम हो सकती है। साथ ही, अचानक सड़क पार करने वाले लोगों की संख्या घटने से वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, फुटब्रिज का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उनका निर्माण आबादी वाले और जरूरत के लिहाज से उपयुक्त स्थानों पर करना महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही फुटब्रिज तक पहुंचने के लिए उचित रास्ते और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी रहेगा।
पर्यटकों और यात्रियों को भी मिलेगी सुविधा
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग केवल स्थानीय आवागमन का माध्यम नहीं है, बल्कि पर्यटन और व्यापार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में पर्यटक पत्नीटाप और कश्मीर घाटी की ओर जाते हैं। इसके अलावा, मालवाहक वाहनों और यात्री बसों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है।
राजमार्ग के आसपास स्थित बाजारों और आबादी वाले क्षेत्रों में रुकने या पैदल दूसरी ओर जाने वाले यात्रियों को फुटब्रिज से लाभ मिल सकता है। इससे उन्हें तेज रफ्तार वाहनों के बीच से सड़क पार करने के बजाय सुरक्षित रास्ते का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में कदम
राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल यात्रियों का सड़क पार करना दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकता है। खासकर उन स्थानों पर समस्या अधिक होती है, जहां सड़क के दोनों ओर बस्तियां और बाजार हों, लेकिन पैदल पार करने की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध न हो।
ऐसे में 65 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 21 फुटब्रिज सड़क सुरक्षा को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी निर्माण की गुणवत्ता, फुटब्रिज के सही स्थान, लोगों की पहुंच और नियमित उपयोग पर निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, उधमपुर से बनिहाल तक प्रस्तावित फुटब्रिज परियोजना स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, पर्यटकों और अन्य पैदल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब लोगों की नजर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और नवंबर तक निर्माण कार्य शुरू होने पर रहेगी। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह एक अहम पहल होगी।



