JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 और 222 के प्रावधानों के तहत की गई है और जस्टिस भाटी के पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।
केंद्रीय कानून मंत्रालय ने रविवार को इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की। इसी क्रम में जस्टिस भाटी सहित कुल आठ न्यायाधीशों को देश के अलग-अलग हाई कोर्ट्स का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है।
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा 9 सितंबर यानी बुधवार को सुबह 10 बजे श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी में जस्टिस भाटी को पद की शपथ दिलाएंगे।
इससे पहले 31 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस भाटी के नाम की सिफारिश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पद के लिए की थी। न्यायिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले जस्टिस भाटी को 16 नवंबर 2016 को हाई कोर्ट बेंच में पदोन्नत किया गया था।
राजस्थान हाई कोर्ट में रहे एडिशनल एडवोकेट जनरल
जानकारी के मुताबिक, जस्टिस भाटी को सेवा एवं अन्य रिट मामलों, राजस्व, चुनाव, खनन, शिक्षा, पंचायती राज, आपराधिक मुकदमों और जनहित याचिकाओं जैसे विषयों में विशेष दक्षता हासिल है। उन्होंने 13 अक्टूबर 2008 से 29 दिसंबर 2008 तक और फिर 6 जनवरी 2014 से अपनी पदोन्नति तक जोधपुर स्थित राजस्थान हाई कोर्ट में एडिशनल एडवोकेट जनरल के रूप में सेवाएं दीं।
इसके अतिरिक्त वह केंद्रीय विद्यालय संगठन, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC), राजस्थान सरकार के श्रम विभाग और आयुर्वेद विभाग के पैनल अधिवक्ता के तौर पर भी कार्यरत रहे। भारतीय रिज़र्व बैंक और जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर सहित कई संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ उन्होंने करीब 16 वर्षों तक भारतीय रेलवे के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में भी काम किया।
बार एसोसिएशन में भी निभाई अहम भूमिका
जस्टिस भाटी वर्ष 2009 से 2015 तक राजस्थान बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्य रहे। वर्ष 2011 से 2013 के बीच उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का दायित्व संभाला, जबकि वर्ष 2001 में वह राजस्थान हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव रहे।
शैक्षणिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 1997 से 2016 तक, यानी करीब 19 वर्षों तक, वह अपने पूर्व अध्ययन संस्थान जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर के विधि संकाय में विज़िटिंग फैकल्टी सदस्य रहे। इसके अलावा एक वर्ष तक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर में भी विज़िटिंग फैकल्टी के तौर पर उन्होंने पढ़ाया। वह इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट की राजस्थान इकाई की कार्यकारिणी समिति के सदस्य हैं और वर्ष 1992 से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन से जुड़े हुए हैं।
कानून के अलावा खेल और साहसिक गतिविधियों में भी दक्ष
पेशेवर उपलब्धियों के साथ-साथ जस्टिस भाटी की व्यक्तिगत रुचियां भी विविधतापूर्ण रही हैं। वह एक कुशल घुड़सवार, तैराक और निशानेबाज होने के साथ-साथ सोलो ग्लाइडर पायलट और पैरासेलर भी हैं। एनसीसी के दौरान उन्होंने कई साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट को लंबे समय से स्थायी चीफ जस्टिस की तलाश थी, ऐसे में जस्टिस भाटी की नियुक्ति को कानूनी और न्यायिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



