JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर में मौसम में ठंडक बढ़ने के बावजूद डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में इस वर्ष अब तक डेंगू के 1540 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान 43 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक 33 मामले जम्मू जिले से सामने आए हैं। इसके अलावा डोडा, कठुआ, सांबा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में भी नए मरीज मिले हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कुल 243 लोगों की डेंगू जांच की गई। इनमें से 43 लोगों की रिपोर्ट सकारात्मक आई। नए मामलों में जम्मू जिले में 33, डोडा में पांच, कठुआ में दो तथा सांबा, रामबन और किश्तवाड़ में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तापमान में गिरावट के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में डेंगू का संक्रमण जारी है।
जम्मू जिले में सबसे अधिक 863 मामले
इस वर्ष डेंगू के कुल मामलों में जम्मू जिला सबसे अधिक प्रभावित है। यहां अब तक 863 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जम्मू के बाद डोडा जिला दूसरे स्थान पर है, जहां 236 मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, डोडा में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार डेंगू के अधिक मामले सामने आए हैं।
अन्य जिलों की बात करें तो सांबा में 206, कठुआ में 61, राजौरी में 34 और उधमपुर में 29 मामले दर्ज किए गए हैं। रियासी और रामबन में 22-22, पुंछ में 14 तथा किश्तवाड़ में 13 मामले सामने आए हैं। वहीं, कश्मीर संभाग में सात और अन्य प्रदेशों से संबंधित 33 मामले दर्ज किए गए हैं।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि डेंगू का प्रभाव जम्मू जिले में सबसे अधिक है, जबकि डोडा और सांबा में भी संक्रमण के मामले बड़ी संख्या में सामने आए हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पिछले वर्ष की तुलना में कम मामले
डेंगू के मामलों की तुलना पिछले वर्ष से की जाए तो इस बार स्थिति में कुछ सुधार दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जम्मू-कश्मीर में डेंगू के 2253 मामले सामने आ चुके थे, जबकि इस वर्ष अब तक इनकी संख्या 1540 है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक कम मामले दर्ज हुए हैं।
हालांकि, मामलों की संख्या में कमी आने के बावजूद संक्रमण का लगातार जारी रहना चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में लगातार गिरावट आने से डेंगू के मामलों में कमी आने की संभावना है, लेकिन नवंबर के अंत तक नए मामले सामने आ सकते हैं। इसलिए लोगों को अभी से लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
डेंगू से मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
डेंगू के कारण हुई मौतों को लेकर भी आंकड़ों में अंतर सामने आया है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष सांबा जिले में डेंगू से दो मौतें होने की जानकारी दी गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में एक ही मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। ऐसे में मौतों से संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और रिपोर्टों में अंतर बना हुआ है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने और मच्छरों को पनपने से रोकने की सलाह दी है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में भी पनप सकते हैं। इसलिए घरों, छतों, आंगन, कूलर, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। पानी रखने वाले बर्तनों को नियमित रूप से साफ करना और उन्हें ढककर रखना जरूरी है।
इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करने और आसपास पानी जमा होने पर उसे हटाने जैसे उपाय अपनाए जा सकते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर या जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द अथवा अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, खून आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में डेंगू के मामलों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम जरूर है, लेकिन जम्मू, डोडा और सांबा जैसे जिलों में संक्रमण के आंकड़े सतर्क रहने की जरूरत दर्शाते हैं। तापमान में गिरावट से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन नवंबर के अंत तक संभावित मामलों को देखते हुए लोगों और स्वास्थ्य विभाग दोनों को बचाव के उपाय जारी रखने होंगे।


