
श्रीनगर | JNM संवाददाता—हरदीप जमवाल
दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. उमर नबी को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उमर श्रीनगर–जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलवामा 2.0 जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था, लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस की कड़ी निगरानी ने उसकी पूरी साजिश को नाकाम कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक उमर ने लगभग एक महीने तक हाईवे की रेकी की थी और अपने पाकिस्तानी आकाओं से मिले निर्देशों के मुताबिक हमला करने की फिराक में था। लगातार बढ़ी सुरक्षा और हाईवे पर सक्रिय निगरानी देख कर उसने प्लान बदल दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने उमर के घर से लैपटॉप, खिलौने जैसा ड्रोन और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। एक संदिग्ध मोबाइल फोन नहर से बरामद किया गया, जिसे उसने अपने नेटवर्क के जरिए छिपाया था। इन सभी उपकरणों को जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस को उम्मीद है कि इनमें से कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
उमर की पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है। उसने NEET में 17वीं रैंक हासिल की थी और GMC श्रीनगर से MBBS तथा MD पूरा किया। बाद में उसने अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में जॉइन किया। उसके सर्कल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई को भी फरीदाबाद से हिरासत में लिया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों ISI के स्लीपर सेल्स से संपर्क में थे और पाकिस्तान से सीधे निर्देश ले रहे थे। पुलिस ने उमर के दो भाइयों को भी पूछताछ के लिए उठाया है।
कुल मिलाकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और हाईवे पर सख्त निगरानी के चलते एक बड़ा आतंकी हमला टल गया और पूरे नेटवर्क की परतें अब खुल रही हैं।

