JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू की जीवनरेखा मानी जाने वाली तवी नदी को प्रदूषण से बचाने और उसकी स्वच्छता बनाए रखने के लिए जम्मू नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से नगर निगम ने गुज्जर नगर पुल पर पूजा सामग्री एकत्र करने के लिए दो विशेष विसर्जन पात्र स्थापित किए हैं। अब लोग घरों और मंदिरों से निकलने वाली पुरानी पूजा सामग्री, सूखे फूल, पत्तियां और हवन के अवशेष सीधे तवी नदी में प्रवाहित करने के बजाय इन पात्रों में डाल सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य तवी नदी में बढ़ते कचरे को रोकना, जल प्रदूषण कम करना और नदी के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखना है। नगर निगम की ओर से उठाए गए इस कदम से उन श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी, जो धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखते हुए पूजित सामग्री का सम्मानजनक निस्तारण करना चाहते हैं।
गुज्जर नगर पुल पर दो विशेष पात्र स्थापित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुज्जर नगर पुल पर स्थापित किए गए इन दोनों विसर्जन पात्रों का लोकार्पण निवर्तमान नगर निगम आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इसके साथ ही तवी नदी को साफ रखने के लिए शुरू की गई इस व्यवस्था का विस्तार किया गया है।
इससे पहले तवी पुल पर भी पूजा सामग्री एकत्र करने के लिए चार विशेष पात्र लगाए गए थे। नगर निगम के अनुसार, इन पात्रों का लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए अब गुज्जर नगर पुल पर भी ऐसे पात्र स्थापित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग पूजा सामग्री को सीधे नदी में डालने से बचें।
पॉलीथिन में बांधकर नदी में फेंकने से बढ़ता है प्रदूषण
अक्सर देखने में आता है कि लोग घरों और मंदिरों से निकलने वाली पुरानी पूजा सामग्री को पॉलीथिन में बांधकर पुलों से सीधे नदी में फेंक देते हैं। इससे नदी में प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा होता है। यह न केवल पानी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह और जलीय जीवों के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।
पूजा सामग्री के साथ नदी में पहुंचने वाला प्लास्टिक और अन्य अजैविक कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे में विसर्जन पात्रों की स्थापना से लोगों को एक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होगी। यदि शहरवासी इस सुविधा का नियमित उपयोग करते हैं, तो तवी नदी में सीधे फेंके जाने वाले कचरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता का भी रखा जाएगा ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री को सम्मानपूर्वक विसर्जित करना महत्वपूर्ण माना जाता है। कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि पुरानी पूजा सामग्री को कहां और किस प्रकार रखा जाए, ताकि उसका अनादर न हो।
नगर निगम की इस पहल से लोगों को पूजा सामग्री जमा करने के लिए एक निर्धारित स्थान मिलेगा। इससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों और नदी को स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को ऐसा विकल्प उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा सकें।
पूजा सामग्री से बनाई जाएगी जैविक खाद
विसर्जन पात्रों में एकत्र होने वाली सामग्री का नगर निगम वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। प्राकृतिक सामग्री, जैसे फूल, पत्तियां और अन्य जैविक अवशेषों को अलग करके उनसे जैविक खाद तैयार करने की योजना है।
इस प्रक्रिया से पूजा सामग्री का उपयोग दोबारा किया जा सकेगा और उसे बेकार कचरे के रूप में फेंकने की आवश्यकता कम होगी। इससे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने और जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसके लिए आवश्यक होगा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य गैर-जैविक सामग्री को फूलों और पत्तियों से अलग रखा जाए, ताकि खाद बनाने की प्रक्रिया प्रभावी बनी रहे।
पुल पर गंदगी और हादसों का खतरा भी होगा कम
चलते वाहनों से पुल की रेलिंग के पार पूजा सामग्री नदी में फेंकना कई बार दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसा करते समय वाहन रोकने, अचानक ब्रेक लगाने या संतुलन बिगड़ने से हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पुल की रेलिंग और आसपास के हिस्सों में भी गंदगी फैलती है।
गुज्जर नगर पुल पर निर्धारित स्थान पर विसर्जन पात्र उपलब्ध होने से लोगों को पूजा सामग्री नदी में फेंकने के लिए रेलिंग के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पुल पर अनावश्यक गंदगी को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाए रखने में भी सहायता मिल सकती है।
लोगों की भागीदारी से ही सफल होगी पहल
तवी नदी जम्मू के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। ऐसे में इसकी स्वच्छता बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर के प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है।
गुज्जर नगर पुल पर लगाए गए विसर्जन पात्र तभी प्रभावी साबित होंगे, जब लोग इनका नियमित इस्तेमाल करेंगे। नागरिकों को चाहिए कि वे पुरानी पूजा सामग्री सीधे नदी में बहाने के बजाय निर्धारित पात्रों में डालें। साथ ही, प्लास्टिक और पॉलीथिन को नदी में फेंकने से बचें।
नगर निगम की यह पहल धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यदि ऐसी व्यवस्थाओं का विस्तार अन्य स्थानों पर भी किया जाता है और लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक रहते हैं, तो तवी नदी को प्रदूषण से बचाने के प्रयासों को और मजबूती मिल सकती है।



