जम्मू-कश्मीर के दो अहम विधानसभा क्षेत्रों — नगरोटा और बडगाम — में उपचुनाव की जंग अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। कुल 33 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं, जिनमें नगरोटा से 13 और बडगाम से 20 प्रत्याशी शामिल हैं।
बुधवार को नामांकन पत्रों की छंटनी होगी, जबकि 24 अक्तूबर को प्रतीक चिन्ह आवंटन और शुक्रवार को नाम वापसी की अंतिम तारीख तय है।

इस बार दोनों सीटों पर मुकाबला कई कोणों से टकराने वाला है — नगरोटा में भाजपा के भीतर भगवा रंग की लहर, तो बडगाम में नेकां सांसद आगा रूहुल्ला की खामोशी ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
नगरोटा में पारिवारिक विरासत नए रंग
नगरोटा सीट पर भाजपा ने पूर्व विधायक देवेंद्र राणा की बेटी देवयानी राणा पर भरोसा जताया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल शर्मा टिकट न मिलने से नाराज़ नहीं, बल्कि अब अपना रंग अलग दिखाने मैदान में उतरे हैं — निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में।
वहीं कांग्रेस के हटने के बाद नेकां ने डीडीसी सदस्य शमीम बेगम को टिकट दिया है।
अब नगरोटा में मुकाबला देवयानी बनाम शमीम बनाम अनिल के तीन अलग-अलग रंगों में सजा दिख रहा है।
शमीम बेगम का सादा लेकिन ‘सोने-सा’ शपथ पत्र
नेशनल कॉन्फ्रेंस उम्मीदवार शमीम बेगम ने अपने शपथ पत्र में बताया है कि उनके पास 35 लाख की चल संपत्ति है, जिसमें 27 तोला सोना शामिल है।
उनके पास न कोई अचल संपत्ति है, न कोई वाहन।
शमीम, जो पहले से डीडीसी सदस्य हैं, ने कांग्रेस के पीछे हटने के तुरंत बाद नेकां की ओर से नामांकन किया।
बडगाम में सन्नाटा, पर भीतर उठ रही सियासी लहर
बडगाम में 20 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है, लेकिन सबकी निगाहें आगा रूहुल्ला की खामोशी पर टिकी हैं।
नेकां के इस सांसद की चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं की लहर पैदा कर दी है।
यहां मुकाबला नेकां, पीडीपी और निर्दलीयों के बीच बहुकोणीय होने जा रहा है।
पिछली बार का हिसाब,विधानसभा मतदान प्रतिशत प्रमुख दलों का प्रदर्शन
नगरोटा 77% भाजपा 64%, नेकां 23%
बडगाम 63% नेकां 54%, पीडीपी 26.53%
राजनीतिक हवा का रुख
नगरोटा में “भगवा रंग की लहर” तो बडगाम में “सन्नाटे की सियासत”,
दोनों जगह समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं।
अब देखने वाली बात होगी —
क्या यह लहर भाजपा को बढ़त दिलाएगी या घाटी में नया रंग बिखेरेगी?

