(JNM संवाददाता, श्रीनगर — हरदीप जमवाल)
बडगाम में चुनावी माहौल के बीच आयोजित रोड शो में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जनता के बीच कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। स्मार्ट मीटर, बीजेपी–पीडीपी के संबंध और वंदे मातरम विवाद—इन सभी पर उन्होंने एक अलग ही राजनीतिक एंगल पेश किया, जिसने भीड़ का खासा ध्यान खींचा।

उमर अब्दुल्ला ने स्मार्ट मीटर विवाद पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “किसी भी नागरिक पर मीटर लगवाने की बाध्यता नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहता तो प्रशासन उसे मजबूर नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि मीटर न लगाने की स्थिति में पार्टी के घोषणापत्र में शामिल 200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ उपलब्ध नहीं होगा।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने अपने रोड शो के दौरान बीजेपी और पीडीपी के पुराने रिश्तों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों पार्टियों के बीच “दोस्ती आज भी कायम है”, और राजनीतिक परिस्थितियां भले बदल गई हों, लेकिन उनकी मूल समझ बूझ और तालमेल कहीं न कहीं अभी भी नजर आते हैं।
हाल ही में उठे वंदे मातरम विवाद पर भी उमर अब्दुल्ला ने शिक्षा विभाग को लेकर तस्वीर साफ की। उन्होंने कहा कि स्कूलों से जुड़े फैसलों पर केवल प्रशासनिक अधिकारियों का अधिकार है। “बाहरी लोगों का किसी भी तरह का निर्देश या दखल स्वीकार नहीं किया जाएगा,” उन्होंने दो टूक कहा। उन्होंने यह भी बताया कि इस निर्णय पर शिक्षा मंत्री के कोई हस्ताक्षर नहीं हैं, जिससे यह विवाद अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग ले चुका है।
रोड शो के अंत में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी चुनाव से पहले हर घर तक पहुंचना है और लोगों को पार्टी की नीतियों का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि जनता तक सटीक जानकारी पहुंचाना ही विश्वास और जीत का सबसे बड़ा आधार होगा।

