JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में 25 वर्षीय विवाहिता सोनी देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही नगरोटा से मृतका के मायके पक्ष के सैकड़ों लोग बिलावर उपजिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने बेटी की मौत को सामान्य घटना मानने से इनकार करते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जानकारी के अनुसार, सोनी देवी की शादी बिलावर के परनाला क्षेत्र के कटनी गांव में हुई थी। बुधवार को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे। वहां बेटी का शव देखकर परिजन भावुक हो गए और उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनी को पिछले करीब तीन वर्षों से ससुराल में मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिजनों ने उसकी मौत के पीछे किसी साजिश की आशंका भी जताई।
अस्पताल परिसर में घंटों चला विरोध प्रदर्शन
मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए मांग की कि उनकी बेटी की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे शव को अपने कब्जे में नहीं लेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलावर पुलिस ने मेडिकल बोर्ड का गठन करवाया और बुधवार सुबह मृतका का पोस्टमार्टम कराया, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मायके पक्ष के लोग शव ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि पहले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई का भरोसा दिया जाए।
पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद शांत हुए परिजन
अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए थाना प्रभारी बिलावर इंस्पेक्टर जाहिर मुश्ताक मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि सोनी देवी की मौत से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी संभावित पहलू को नजरअंदाज नहीं करेगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को यह भी आश्वासन दिया कि वे थाने पहुंचकर जांच की प्रगति के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके बाद मायके पक्ष के लोग शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए शव को कटनी गांव ले जाने पर सहमत हो गए।
जिस घर में हुआ था विवाह, उसी आंगन में दी गई अंतिम विदाई
पुलिस की निगरानी में सोनी देवी का शव कटनी स्थित उसके ससुराल ले जाया गया। वहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। इस दौरान नगरोटा से पहुंचे मायके पक्ष के सैकड़ों लोग भी मौजूद रहे। अंततः सोनी देवी का अंतिम संस्कार उसके ससुराल के घर के आंगन में ही किया गया।
फिलहाल इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मायके पक्ष की ओर से लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों और मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिससे सोनी देवी की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।


