JNM संवाददाता, लेह — हरदीप जमवाल

24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत के मामले में न्यायिक जांच समिति ने जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जनता से सहयोग मांगा है। समिति के सदस्य सचिव तुषार अहमद और रिग्जिन स्पालगोन ने अपील की है कि जिस किसी के पास घटना से जुड़े फोटो, वीडियो या कोई भी बयान हो, वह उन्हें मेलोंगथांग स्थित अल्टरनेट इमरजेंसी रीड्रेसल सेंटर में जमा करवाए।
समिति का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है और इससे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इधर, लद्दाख बौद्ध संगठन और लद्दाख गोंपा संगठन ने 24 सितंबर विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए 11 नवंबर को ‘बलिदान दिवस’ मनाने का निर्णय लिया है। धर्मा सेंटर, लेह में मुख्य कार्यक्रम होगा, जबकि गांवों में स्थानीय मठों और सामुदायिक केंद्रों पर भी प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाएंगी।
संगठन के प्रधान छोरिंग दोरजे लाकरूक ने लोगों से सामूहिक प्रार्थना में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने यह भी बताया कि हिंसा में घायल लोगों की सहायता के लिए चल रहा क्राउडफंडिंग अभियान जारी है, क्योंकि कई घायलों को अब भी लंबे इलाज की जरूरत है।
साथ ही 9 नवंबर को शेनम कम्युनिटी हॉल में खुली चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, समुदाय पर दबाव और हाल में गोबा पर हुए हमले जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
दोनों संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और आम लोगों पर किसी भी तरह की अनावश्यक सख्ती न की जाए।

