JNM संवाददाता, श्रीनगर — हरदीप जमवाल
05 नवम्बर 2025

कश्मीर में सुरक्षा माहौल को अस्थिर करने की दुश्मन की नई कोशिशें फिर तेज़ हो गई हैं। सीमा पार बैठा आतंकी तंत्र अब पुराने ढर्रे छोड़कर अधिक संगठित और समन्वित ढंग से काम कर रहा है। हालिया गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि आतंकियों के अलग-अलग गुट एक साझा रणनीति के तहत घाटी में बड़े हमलों की तैयारी कर रहे हैं।
घुसपैठ, कमांडो और स्थानीय नेटवर्क — नई तिकड़ी रणनीति
ताज़ा मूल्यांकन के अनुसार अब आतंकी समूह “सिंगल-ऑपरेशन मोड” से हटकर संयुक्त मॉडल अपना रहे हैं—
एक गुट घुसपैठ कराएगा,
दूसरा कमांडो भेजेगा,
तीसरा ओवरग्राउंड नेटवर्क सक्रिय करेगा।
ड्रोन के माध्यम से एलओसी के पास चौकियों और संभावित मार्गों की टोही तेज हो गई है, जबकि हथियार तस्करी बढ़ाने की कोशिशें भी देखी जा रही हैं।
पुंछ-उड़ी पर नज़र — नए कमांडरों की तैनाती
संवेदनशील पुंछ और उड़ी सेक्टरों में नए कमांडर तैनात किए गए हैं। इनमें एक का कोड-नेम ‘शमशेर’ बताया जा रहा है, जो घुसपैठ और स्थानीय मॉड्यूल को संभालने के लिए नियुक्त किया गया है।
सांबा सेक्टर में भी सीमा पार गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जिससे सुरक्षा चौकियों पर खतरा बढ़ सकता है।
एजेंसियों की प्रतिक्रिया — हाई अलर्ट, कड़े निर्देश
उत्तरी कमान सहित सभी संबंधित एजेंसियों ने निगरानी, नाइट-पेट्रोलिंग और चेकपोस्ट जांच को और सख्त कर दिया है।
रेडियो और मोबाइल संचार पर कड़ी निगरानी
निर्धारित चैनलों पर ही बातचीत
स्थानीय संपर्क सीमित रखने के निर्देश
एक सुरक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, “दुश्मन अब बड़े पैमाने पर सुनियोजित हमले की तैयारी में है। हर छोटी सूचना अहम साबित हो सकती है।”
नागरिकों के लिए सावधानी — संदिग्ध पर तुरंत सूचना दें
प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। अनजान लोगों से संपर्क कम रखने और रात के समय आने-जाने वाले वाहनों पर विशेष नज़र रखने को कहा गया है।
क्यों बढ़ी चिंता?
इस बार आतंकी गतिविधियों का पैटर्न अधिक संगठित, प्रशिक्षित और खुफिया-निर्देशित दिख रहा है। विभिन्न आतंकी गुटों के बीच समन्वय और हथियार सप्लाई चैन को दोबारा मजबूत करने की कोशिशें सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर रही हैं।

