JNM संवाददाता श्रीनगर
बडगाम विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव 2025 अब जोर पकड़ चूका है | इस बार कुल 1.26 लाख मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे।,जिनमें में करीब 35 हज़ार सिया मतदाता निर्णायक भूमिका नई निभाएंगे |

सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस (NC) बडगाम विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव 2025 अब जोर पकड़ चुका है। इस बार कुल 1.26 लाख मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें से करीब 35 हज़ार शिया मतदाता निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने अपने उम्मीदवार के रूप में आगा सैयद महमूद अल-मौसवी को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने आगा सैयद मोहसिन मौसवी और पीडीपी ने आगा सैयद मुंतजिर मेहदी को अपने उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है।
नामांकन के दौरान NC के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आगा महमूद के साथ मौजूद रहे। आगा महमूद ने कहा कि सांसद आगा रुहुल्ला नियमित रूप से उनसे संपर्क में हैं और उन्हें भरोसा है कि रुहुल्ला पार्टी के लिए प्रचार में हिस्सा लेंगे।
वहीं भाजपा उम्मीदवार के साथ उपस्थित नेता सुनील शर्मा ने कहा कि नेकां ने लंबे समय तक शासन किया लेकिन हाल की नीतियों में बदलाव और असंगति ने लोगों को निराश किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बडगाम के लोग विकल्प तलाश रहे हैं और भाजपा सुनिश्चित करेगी कि कल्याणकारी नीतियां जनता तक सीधे पहुंचें।
शिया वोट बैंक का महत्व:
बडगाम में कुल मतदाताओं का लगभग 28 प्रतिशत शिया समुदाय से है।
तीनों बड़े उम्मीदवार शिया समुदाय से हैं, इसलिए यह वोट बैंक निर्णायक साबित होगा।
नेकां के लिए चुनौती:
सांसद आगा रुहुल्ला का प्रचार में दूरी बनाए रखना नेकां की ताकत पर सवाल उठाता है।यदि उनके समर्थक वोट अलग हो जाते हैं तो NC को नुकसान हो सकता है।
भाजपा और PDP की रणनीति:
भाजपा ने शिया उम्मीदवार उतारकर वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है।
PDP का लक्ष्य NC के पारंपरिक मतदाता और विद्रोह को साधना है।
स्थानीय मतदाता का नजरिया:
लंबे समय से NC के प्रभुत्व से तंग, लोग अब विकल्प की तलाश में हैं।
विकास और कल्याणकारी नीतियों के असर को भी मतदाता ध्यान में रख रहे हैं।

