JNM संवाददाता, श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर में सरकार के फैसलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना की जम्मू-कश्मीर इकाई ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जनता से किए गए वादे हवा में उड़ गए, अस्थायी कर्मचारी वेतन को तरस रहे हैं, लेकिन विधायकों का वेतन दोगुना करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
श्रीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना प्रदेश प्रमुख मनीश साहनी ने कहा कि मुफ्त बिजली, गैस सिलेंडर और प्रीपेड व्यवस्था में राहत जैसे अहम मुद्दों पर जनता को फिर मायूसी मिली है, जबकि सरकार विधायकों की जेब भरने में दिलचस्पी दिखा रही है।
साहनी ने कहा, “61 हजार अस्थायी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी 1200 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, पर सरकार को सिर्फ अपना वेतन बढ़ाने की फिक्र है। यह जनता के साथ खुला धोखा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही जनता पर प्रीपेड बिजली व्यवस्था थोपने की तैयारी की जा रही है, लेकिन विधानसभा में विपक्ष भी इस मुद्दे पर खामोश बैठा रहा।
साहनी ने कहा कि जनता अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और सरकार की “आर्थिक तानाशाही” के खिलाफ सड़कों पर उतरें।
प्रेस वार्ता में राजू चौधरी, आदित्य महाजन, जसबीर सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

