JNM संवाददाता जम्मू

जम्मू-कश्मीर में घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में हाल के वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं सरकार द्वारा स्थापित वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षित सहारा साबित हो रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में समाज कल्याण मंत्री सकीना इटू ने घरेलू हिंसा से संबंधित विस्तृत आँकड़े प्रस्तुत किए।
मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में 2872 महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकायत लेकर वन स्टॉप सेंटरों तक पहुँचीं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में 893 मामले, जबकि 2024-25 में 1979 मामले दर्ज किए गए।
आँकड़ों के अनुसार, एक वर्ष में मामलों में 121.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस बात का संकेत है कि अधिक महिलाएं अब सहायता लेने के लिए आगे आ रही हैं और रिपोर्टिंग में भी जागरूकता बढ़ी है।
सकीना इटू ने बताया कि मिशन शक्ति निदेशालय के तहत संचालित ये केंद्र महिलाओं को मेडिकल सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय और पुलिस सहायता एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराते हैं।
इन केंद्रों को 181 महिला हेल्पलाइन और 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे संकट की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।
सरकार का कहना है कि वन स्टॉप सेंटरों की वजह से घरेलू हिंसा, साइबर उत्पीड़न, छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को राहत और सुरक्षा देने का तंत्र और मजबूत हुआ है।
इन सेवाओं ने न सिर्फ रिपोर्टिंग बढ़ाई है, बल्कि कई मामलों में त्वरित हस्तक्षेप कर पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध कराया है।

