JNM संवाददाता श्रीनगर — हरदीप जमवाल
कश्मीर घाटी के सभी दस जिलों और जम्मू संभाग के छह जिलों में आगामी बर्फबारी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सर्दियों के लिए अपना विंटर प्लान तैयार कर लिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पहली बर्फबारी के साथ ही कर्मचारियों की छुट्टियों पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी, जो लगभग तीन महीने तक लगातार लागू रहेगी।
सर्दियों के दौरान सड़क संपर्क बाधित न हो और आवश्यक सेवाओं में रुकावट न आए, इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने तैयारी और सख्त कर दी है।
विभाग के आलाधिकारियों ने संभावित चुनौतियों को देखते हुए उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें बर्फबारी के दौरान सड़क खुली रखने, मशीनरी की तैनाती और आपात प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि भारी मशीनों—जेसीबी, डोजर, स्नो-कटर—को बर्फबारी संभावित इलाकों में पहले से तैनात किया जाएगा, जबकि इनके ऑपरेटरों को 24×7 मुस्तैद रहने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।
विभाग ने यह भी साफ किया कि कर्मचारियों के अवकाश बर्फबारी शुरू होते ही स्वचालित रूप से निरस्त माने जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों के अधीक्षकों को दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी जिलास्तर पर आपात केंद्र (इमरजेंसी कंट्रोल रूम) भी स्थापित करेगा, जहां बर्फबारी से सड़क बाधित होने की सूचनाएं तुरंत पहुंचेंगी। इन केंद्रों के माध्यम से संबंधित इलाके में मशीनरी और टीमें तुरंत भेजी जाएंगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारी लगातार उपायुक्तों से समन्वय बनाकर रखेंगे ताकि किसी भी मार्ग के बंद होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विभाग का कहना है कि इस साल विंटर प्लान को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है, ताकि आम लोगों को न्यूनतम असुविधा हो और आवश्यक आवाजाही बाधित न हो।


