JNM संवाददाता, जम्मू | हरदीप जमवाल

डोडा से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ लगाए गए पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) को चुनौती देने वाली याचिका पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान जस्टिस रजनीश ओसवाल ने सरकार की ओर से दाखिल किए गए जवाब में कई उल्लेखनीय कमियां पाईं। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार अपना पक्ष दुरुस्त रूप में दोबारा पेश करे, तभी मामले की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की है। तब तक सरकार को जरूरी संशोधन कर अपना जवाब फिर से दाखिल करना होगा।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ
हाईकोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि PSA लगाया जाना जल्दबाजी और बिना ठोस आधार के किया गया है। वहीं सरकार ने अपने पक्ष को उचित ठहराने की कोशिश की, लेकिन दस्तावेजों की जांच में कई ऐसे बिंदु सामने आए जिन्हें अदालत ने अधूरा या अस्पष्ट माना।
इन्हीं खामियों के आधार पर कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह अपना पक्ष कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप फिर से तैयार करे और सुधारा हुआ जवाब जमा करे।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
मेहराज मलिक पर लगाई गई PSA हाल के दिनों में जम्मू और डोडा क्षेत्र की राजनीति में गर्म मुद्दा बना हुआ है। विरोधी दल इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि सरकार इस मामले में अपनी स्थिति मजबूत बताने की कोशिश में है।
अब सबकी नजर 20 नवंबर की सुनवाई पर होगी, जहां यह देखा जाएगा कि सरकार सुधारित पक्ष को किस तरह से अदालत के सामने रखती है और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।

