Jnm संवाददाता जम्मू हरदीप जमवाल

जम्मू-कश्मीर में मधुमेह के मामलों में हैरान करने वाली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि जम्मू संभाग में हर सौ में से 19 लोग मधुमेह से पीड़ित हैं — यानी राष्ट्रीय औसत से कहीं ज़्यादा।
विशेषज्ञों का कहना है कि फास्ट फूड, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधियों में कमी बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन रही है, जो पहले केवल वयस्कों में देखने को मिलती थी।
जीएमसी जम्मू के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. सुमन कोतवाल का कहना है कि “मधुमेह अब हर घर की हकीकत बन गया है। कई लोग बिना जांच करवाए ही बीमार हैं।”
अध्ययन के मुताबिक जम्मू के शहरी इलाकों में मधुमेह का प्रसार 26.5 प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 14.5 प्रतिशत। वहीं कश्मीर और लद्दाख में यह संख्या 7.8 प्रतिशत के करीब है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को साल में एक बार ब्लड शुगर जांच जरूर करवानी चाहिए, वरना “साइलेंट किलर” कही जाने वाली यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
जम्मू संभाग में कश्मीर से दोगुने मधुमेह मरीज
बच्चों में भी बढ़ रहा टाइप-2 डायबिटीज का खतरा
फास्ट फूड और निष्क्रिय जीवनशैली बनी मुख्य वजह
डॉक्टरों की चेतावनी: सालाना जांच जरूरी

