JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
जम्मू-कश्मीर सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पांच प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर में एनएचएम के तहत काम कर रहे हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे इन कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस संबंध में शनिवार को मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जम्मू-कश्मीर की ओर से आदेश जारी किया गया। इस फैसले के पीछे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा समाज कल्याण मंत्री सकीना मसूद इटू के प्रयासों को भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सेवा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया है।
राज्य से ब्लॉक स्तर तक कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
जारी आदेश के अनुसार, पांच प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ एनएचएम के तहत राज्य, संभागीय, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत पात्र संविदा कर्मचारियों को दिया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के तहत काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल होंगे। इसके अलावा विभिन्न रोग नियंत्रण कार्यक्रमों से जुड़े पात्र कर्मचारियों को भी इस निर्णय के दायरे में रखा गया है।
हालांकि, वेतन वृद्धि का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। आदेश के मुताबिक, संबंधित कर्मचारी का कार्य प्रदर्शन संतोषजनक होना चाहिए और उसने कम से कम एक वर्ष की सेवा पूरी की हो। यानी केवल एनएचएम के तहत कार्यरत होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सेवा अवधि और कार्य प्रदर्शन के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
तीन अलग-अलग तारीखों से लागू होगी वेतन वृद्धि
सरकार की ओर से जारी आदेश में वेतन वृद्धि लागू करने के लिए तीन अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं। कर्मचारियों की पात्रता और उनकी सेवा अवधि के आधार पर पांच प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि 1 अप्रैल 2026, 1 अक्टूबर 2026 या 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगी।
इसका मतलब है कि सभी कर्मचारियों को एक ही तारीख से वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। संबंधित कर्मचारी की पात्रता और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर यह तय किया जाएगा कि उसे किस तारीख से बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलेगा।
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों ने की थी हड़ताल
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से वेतन वृद्धि और अपनी अन्य मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए कई दिनों तक हड़ताल भी की थी। इस दौरान उन्होंने वेतन संबंधी समस्याओं और सेवा शर्तों में सुधार का मुद्दा उठाया था।
अब सरकार की ओर से पांच प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि को मंजूरी दिए जाने के बाद कर्मचारियों को कुछ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। यह फैसला स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले उन कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
एनएचएम कर्मचारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में सरकार के इस निर्णय को कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


