JNM पत्रकार हरदीप जमवाल,जम्मू
जम्मू-कश्मीर में सियासी गतिविधियां एक बार फिर तेज होने जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कश्मीर घाटी में बेरोजगारी, बैकडोर नियुक्तियों और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर मौजूदा सरकार के चुनावी वादों और उनके क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को सामने रखेगी।
भाजपा के अनुसार, जुलाई के दूसरे पखवाड़े से शुरू होने वाले इस अभियान का नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा करेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जिला इकाइयों के साथ बैठकों का दौर पहले ही शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में वरिष्ठ नेता घाटी के विभिन्न जिलों का दौरा कर अभियान को गति देंगे।
भाजपा का आरोप है कि जम्मू-कश्मीर में युवाओं को रोजगार देने के वादे पूरे नहीं हुए हैं और बैकडोर नियुक्तियों के कारण योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है। पार्टी इन मुद्दों को लेकर गांव-गांव और शहर-शहर लोगों से संवाद करेगी तथा सरकार को जनहित के सवालों पर जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगी।
पार्टी संगठन ने कश्मीर संभाग के सभी जिलों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति बनाई है। संगठनात्मक बैठकों में महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अन्य प्रकोष्ठों को भी जनसंपर्क अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर अपनी बात रखना और सरकार की कार्यशैली को जनता के सामने उजागर करना है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में बेरोजगारी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। उनका आरोप है कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार ने केवल वादे किए हैं। पार्टी का यह भी दावा है कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता को लेकर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें लेकर भाजपा जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि पार्टी केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर सरकार से जवाब मांगेगी। उनके अनुसार, जिन वर्गों को विकास और रोजगार का लाभ नहीं मिल पाया, उनके बीच विशेष अभियान चलाया जाएगा।
भाजपा का यह अभियान केवल कश्मीर तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में भी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी समय में जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया और विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। ऐसे में भाजपा का यह अभियान प्रदेश की सियासत को नई दिशा दे सकता है, जबकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।



