JNM पत्रकार हरदीप जमवाल,जम्मू
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के ज़ांस्कर क्षेत्र में कथित धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कन्याकुमारी निवासी अल्बर्ट जेरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय था। इस मामले में पहले ही आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अल्बर्ट जेरी स्थानीय भाषा में धार्मिक सामग्री तैयार कराने, बाइबिल का अनुवाद करवाने और उससे संबंधित एक मोबाइल एप विकसित करने से जुड़ा था। यह एप पहले गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध था, जिसे बाद में हटा दिया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि जून 2026 में मामले के सामने आने के बाद कार्रवाई तेज की गई। तलाशी अभियान के दौरान कई लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई, जिनकी फोरेंसिक जांच जारी है। पुलिस इस मामले में और लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का फोकस अब वित्तीय लेन-देन, संभावित बाहरी संगठनों से संबंध और किसी विदेशी फंडिंग की भूमिका की पड़ताल पर भी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
लद्दाख पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय संरचना को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी कई वर्षों से ज़ांस्कर में रहकर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की आड़ में लोगों के संपर्क में था। हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।



