JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव की परंपरा के तहत सोमवार से एक बार फिर जम्मू नागरिक सचिवालय में सरकारी कामकाज शुरू हो गया है। करीब छह महीने बाद श्रीनगर से सरकारी कार्यालयों के जम्मू पहुंचने के साथ ही शहर में प्रशासनिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। अब अगले छह महीनों तक जम्मू से ही सरकार का कामकाज संचालित होगा। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की मौजूदगी के साथ जम्मू एक बार फिर केंद्र शासित प्रदेश की प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है।
दरबार मूव के पहले दिन नागरिक सचिवालय में कामकाज शुरू होने के साथ ही सरकारी विभागों की गतिविधियां भी तेज हो गईं। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में पहुंचे। इस बदलाव के चलते शहर में सरकारी गतिविधियों के साथ प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कामों में भी तेजी देखने को मिली।
शहर में बढ़ी प्रशासनिक हलचल
दरबार मूव के साथ जम्मू में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और मंत्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। सचिवालय खुलने के पहले दिन ही शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव देखने को मिला। सुबह से ही बिक्रम चौक, डोगरा चौक, इंदिरा चौक, रेजीडेंसी रोड, जानीपुर चौक, अंबफला चौक और बीसी रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।
हालांकि, यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात दिखाई दिए, लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या के सामने व्यवस्था को संभालना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। कई स्थानों पर वाहन काफी धीमी गति से चलते नजर आए।
सरकारी काफिलों की आवाजाही से बढ़ा दबाव
दरबार मूव के पहले दिन मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के काफिलों की आवाजाही भी चर्चा का विषय रही। सरकारी काफिलों को रास्ता देने के दौरान कई स्थानों पर आम वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ा। काफिलों के सायरन और लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित होती रही।
इसका असर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और रोजाना जरूरी कामों के लिए घर से निकलने वाले लोगों पर भी पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों से अधिक समय लगा।
आने वाले छह महीने प्रशासन के लिए अहम
दरबार मूव के तहत जम्मू में अगले छह महीनों तक सरकारी कामकाज जारी रहेगा। ऐसे में प्रशासन के सामने विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ-साथ शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।
शहर में सरकारी गतिविधियां बढ़ने के कारण यातायात, पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में संबंधित विभागों के लिए जरूरी होगा कि वे पहले से निर्धारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि प्रशासनिक कामकाज के साथ आम जनजीवन भी प्रभावित न हो।
दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की एक पुरानी प्रशासनिक परंपरा है, जिसके तहत गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू से सरकार का कामकाज संचालित किया जाता है। इस व्यवस्था के तहत दोनों राजधानी शहरों में बारी-बारी से नागरिक सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालय काम करते हैं।
फिलहाल सोमवार से जम्मू में सरकारी कामकाज की शुरुआत के साथ ही शहर में प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि अगले छह महीनों के दौरान सरकार जम्मू से कामकाज संचालित करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर किस तरह काम करती है।

