JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
धान की कटाई के सीजन में मजदूरों की कमी से परेशान किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक राहत का माध्यम बन सकती है। जम्मू के मीरा साहिब क्षेत्र के गांव खोड़ में जापानी तकनीक से तैयार कुबोटा हार्वेस्टिंग मशीन पहुंची है। क्षेत्र के उन्नत किसान गुरमीत सिंह ने करीब 35 लाख रुपये की लागत से इस मशीन को जापान से मंगवाया है। यह मशीन जमीन पर गिर चुकी धान की फसल को भी काटने में सक्षम है। इससे किसानों को फसल की कटाई में लगने वाला समय कम करने और नुकसान घटाने में मदद मिल सकती है।
गुरमीत सिंह के अनुसार, जम्मू में अपनी तरह की यह पहली मशीन है। इसकी खासियत यह है कि खेत में धान की फसल गिर जाने के बाद भी इसकी कटाई आसानी से की जा सकती है। अक्सर तेज हवा, बारिश या अन्य कारणों से धान की फसल जमीन पर बिछ जाती है, जिससे मजदूरों के लिए कटाई करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह मशीन किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
अपनी फसल के बाद दूसरे किसानों को भी देंगे सुविधा
गुरमीत सिंह ने बताया कि पहले वह अपनी फसल की कटाई के लिए इस मशीन का इस्तेमाल करेंगे। इसके बाद क्षेत्र के अन्य किसानों को भी मशीन के माध्यम से फसल कटवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए उचित शुल्क लिया जाएगा, ताकि दूसरे किसान भी इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि मशीन से धान की कटाई के दौरान दानों के टूटने की आशंका भी कम रहती है। इसके अलावा, यह मशीन गेहूं की कटाई में भी इस्तेमाल की जा सकती है। इससे किसानों को अलग-अलग फसलों की कटाई के लिए आधुनिक विकल्प मिल सकेगा।
मजदूरों की कमी बनी किसानों के लिए बड़ी चुनौती
धान की कटाई के मौजूदा सीजन में किसानों को मजदूरों की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान रमेश लाल, गुलशन कुमार, साईं दास, तरसेम लाल, राकेश कुमार और सतपाल भगत सहित अन्य किसानों का कहना है कि बाहरी राज्यों से मजदूरों के पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचने के कारण फसल की कटाई प्रभावित हो रही है।
किसानों के सामने समय पर फसल काटने की चुनौती रहती है। यदि कटाई में देरी होती है, तो फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से कम समय में अधिक क्षेत्र की फसल काटने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों का काम आसान होने के साथ मजदूरों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
मशीन से कटाई में दानों का नुकसान कम होने की उम्मीद
स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने जापानी मशीन को खेतों में धान की कटाई करते हुए देखा है। उनके अनुसार, मशीन से कटाई का काम व्यवस्थित तरीके से होता है और धान के दानों के जमीन पर गिरकर बर्बाद होने की आशंका कम रहती है।
कृषि क्षेत्र में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, मशीन की वास्तविक उपयोगिता और आर्थिक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेंगे कि किसान कितने क्षेत्र में इसका इस्तेमाल करते हैं और कटाई के लिए उन्हें कितना शुल्क देना पड़ता है।
कृषि विभाग से सब्सिडी पर मशीनें उपलब्ध करवाने की मांग
मीरा साहिब क्षेत्र के किसानों ने कृषि विभाग से मांग की है कि जम्मू-कश्मीर में इस तरह की आधुनिक कृषि मशीनों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। किसानों का कहना है कि यदि सरकार इन मशीनों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाती है, तो छोटे और मध्यम किसानों को भी आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सकता है।
करीब 35 लाख रुपये की कीमत वाली मशीन खरीदना हर किसान के लिए संभव नहीं है। ऐसे में सरकारी सहायता मिलने से किसानों को सामूहिक रूप से मशीनों का इस्तेमाल करने का अवसर मिल सकता है। इससे खेती की लागत कम करने और कटाई के काम को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मीरा साहिब के गांव खोड़ में जापानी तकनीक वाली मशीन के पहुंचने से क्षेत्र के किसानों के बीच आधुनिक कृषि उपकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब किसानों की मांग है कि इस तरह की मशीनें अधिक संख्या में उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि धान की कटाई के सीजन में मजदूरों की कमी से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके और खेती के काम को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।



