JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान और कश्मीरियों की सुरक्षा से जुड़े बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। इसी मुद्दे पर सोमवार को शिवसेना हिंदुस्तान के कार्यकर्ताओं ने बिश्नाह में विरोध प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने फारूक अब्दुल्ला से उनके बयान पर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की।
शिवसेना हिंदुस्तान के युवा प्रदेश अध्यक्ष गणेश चौधरी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता सिंचाई विभाग के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े विषयों पर राजनीतिक नेताओं को सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
24 अक्टूबर को बारामूला में दिया था बयान
जानकारी के अनुसार, डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने 24 अक्टूबर को बारामूला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान और कश्मीरियों की पहचान एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई और विभिन्न पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान गणेश चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की परिस्थितियों और यहां के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील मुद्दों पर बयान दिए जाने चाहिए। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना हिंदुस्तान जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
प्रदर्शनकारियों ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए माफी की मांग दोहराई। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं को अपने बयानों के प्रभाव और क्षेत्र की संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।
कई पार्टी पदाधिकारी रहे मौजूद
बिश्नाह में हुए इस प्रदर्शन के दौरान चेयरमैन देशराज फौजी, धीरज कुमार, पंजाबी सिंह और परवीन कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता रहेगा।
फिलहाल, यह मामला फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विरोध और प्रतिक्रियाओं के बीच चर्चा में है।



