JNM संवाददाता, जम्मू — हरदीप जमवाल
6 नवंबर 2025, नगरोटा (जम्मू)

नगरोटा विधानसभा के उपचुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की उम्मीदवार शमीम बेगम के समर्थन में गुरुवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी आधी कैबिनेट के साथ नगरोटा पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने रैली में संबोधन शुरू किया, ठीक उसी समय मंच पर माइक अचानक बंद हो गया, और पूरा माहौल कुछ क्षणों के लिए ठहर-सा गया।
स्थानीय मुद्दों और उपचुनाव की रणनीति पर बोलते हुए उमर अब्दुल्ला की आवाज़ अचानक गायब होने से रैली में बैठे लोग हैरान रह गए। माइक बंद होने के बाद वे करीब दो मिनट तक मंच पर खामोश खड़े रहे, तकनीकी टीम को देखते रहे और बीच-बीच में भीड़ की ओर इशारों से संकेत देते रहे कि समस्या ठीक नहीं हो रही।
आयोजकों ने तुरंत दूसरा माइक देने की कोशिश की, लेकिन उमर अब्दुल्ला ने उसे लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने बिना माइक के ही तेज़ और संक्षिप्त अंदाज़ में अपना संदेश पूरा किया और फिर मंच से सीधे नीचे उतर गए, जिससे साफ लगा कि वे तकनीकी गड़बड़ी से नाराज़ हैं।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि और NC की जोरदार कोशिश
नगरोटा सीट के उपचुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस अपनी उम्मीदवार शमीम बेगम को जीत दिलाने के लिए पूरा ज़ोर लगा रही है। इसी रणनीति के तहत उमर अब्दुल्ला अपनी प्रमुख टीम—जिसे स्थानीय कार्यकर्ता “आधी कैबिनेट” कहकर पेश कर रहे थे—के साथ यहां पहुंचे थे, ताकि चुनावी संदेश और मजबूत तरीके से दिया जा सके।
लेकिन माइक फेल होने की घटना ने पूरे संबोधन का प्रवाह बिगाड़ दिया।
रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं ने माना कि उच्च नेतृत्व की मौजूदगी में ऐसी तकनीकी गड़बड़ी पार्टी की छवि को प्रभावित करती है और चुनावी माहौल में इससे विपक्ष को हमला बोलने का मौका भी मिल सकता है।
पार्टी नेताओं ने बाद में इसे “अनपेक्षित तकनीकी खराबी” बताकर मामला शांत किया और आश्वासन दिया कि अगली सभाओं में अतिरिक्त बैकअप टीम और बेहतर साउंड सिस्टम लगाया जाएगा।

