JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जम्मू शहर से लेकर कटड़ा और सांबा तक विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जम्मू में निकाली गई भव्य रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।
रैली के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई युवा पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए और केसरिया पगड़ी पहने हुए रैली में शामिल हुए। हाथों में तलवारें लिए युवाओं ने महाराजा हरि सिंह के प्रति सम्मान व्यक्त किया। रैली के दौरान जम्मू की डोगरा संस्कृति और परंपरा की भी झलक देखने को मिली।
युवा राजपूत सभा की ओर से निकाली गई रैली तवी पुल के पास महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए। रैली में स्थानीय नागरिकों के साथ युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
जयंती के अवसर पर तवी पुल पार्क में 131 किलो का लड्डू भी काटा गया। महाराजा हरि सिंह सेना से जुड़े सदस्यों ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान लोगों ने महाराजा हरि सिंह के जीवन और उनके कार्यों को याद किया।
कटड़ा क्षेत्र में भी महाराजा हरि सिंह की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूल से पैंथल तक भव्य रैली निकाली गई। आयोजकों ने बताया कि रैली का उद्देश्य महाराजा हरि सिंह के जीवन, उनके सामाजिक सुधारों और जम्मू-कश्मीर के विकास में उनके योगदान को याद करना था।
महाराजा हरि सिंह का जन्म 23 सितंबर 1895 को हुआ था। वह जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम शासक थे। उनके शासनकाल में शिक्षा और सामाजिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए भी उनके कार्यों का उल्लेख किया जाता है।
जम्मू में 22 सितंबर की शाम को भी युवा राजपूत सभा की ओर से तवी पुल पर महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के पास और प्रेम नगर पार्क में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसके बाद 23 सितंबर को उनकी जयंती के अवसर पर जम्मू सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम और रैलियां आयोजित की गईं।
महाराजा हरि सिंह की जयंती पर जम्मू की सड़कों पर उमड़ी भीड़ और युवाओं की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा, केसरिया पगड़ियों और तलवारों के साथ निकली रैली में डोगरा संस्कृति और महाराजा हरि सिंह के प्रति लोगों का सम्मान दिखाई दिया।


