JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल जम्मू
आरएसपुरा के सीमांत गांव चक्रोई में 28 वर्षीय उत्तम चंद की मौत के बाद बुधवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। युवक की मौत को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरएसपुरा-चक्रोई मार्ग पर बोली चक मोड़ के पास धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
परिजनों का आरोप है कि उत्तम चंद को पुलिस घर से लेकर चौकी गई थी और वहां उसके साथ मारपीट की गई। परिवार का दावा है कि इसी मारपीट के कारण उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि उत्तम चंद को चौकी लाए जाने से पहले ही एक झगड़े में चोटें लगी थीं और उसका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया था।
छेड़छाड़ के आरोप के बाद शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह गांव की एक महिला दूध लेने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही नरेश कुमार ने उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया और उसके साथ छेड़छाड़ की। महिला ने इसका विरोध किया और मोटरसाइकिल से छलांग लगा दी, जिससे उसे चोटें आईं।
महिला ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी अपने पति और परिवार को दी। इसके बाद परिवार के लोग शिकायत लेकर चक्रोई पुलिस चौकी पहुंचे। परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।
उत्तम चंद और नरेश कुमार में हुई हाथापाई
बताया गया कि शाम को जब उत्तम चंद को पूरे मामले की जानकारी मिली तो वह नरेश कुमार के घर पहुंच गया। वहां दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और हाथापाई हो गई। पुलिस के अनुसार इस झगड़े में नरेश कुमार के सिर, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं।
इसके बाद दोनों पक्षों को पुलिस चौकी बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
चौकी में अचानक बिगड़ी उत्तम चंद की तबीयत
पुलिस के अनुसार, रात के समय उत्तम चंद के परिवार के लोग उसे खाना खिलाने के बाद वापस चौकी में बैठे थे। इसी दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गया।
पुलिस उसे तत्काल आरएसपुरा अस्पताल लेकर पहुंची। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मारपीट और प्रताड़ना से किया इनकार
चौकी प्रभारी ने उत्तम चंद के साथ पुलिस चौकी में किसी भी तरह की मारपीट या प्रताड़ना किए जाने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि युवक को पहले हुए झगड़े में चोटें लगी थीं और चौकी पहुंचने से पहले ही उसका मेडिकल कराया गया था।
पुलिस के इस दावे को मृतक के भाई जैकी और मां जीतो देवी ने खारिज कर दिया। परिजनों का कहना है कि उत्तम चंद को पुलिस घर से उठाकर चौकी लेकर गई थी और वहां उसके साथ मारपीट की गई।
परिवार ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
मौत के बाद धरने पर बैठे परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल ने परिवार की ओर से तीन प्रमुख मांगें उठाईं।
इनमें मृतक के छोटे भाई को एसपीओ की नौकरी देने, परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और चौकी प्रभारी सहित जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग शामिल है।
परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया जाता, तब तक धरना समाप्त करने पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
धरने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम आरएसपुरा अनुराधा ठाकुर और एसपी हेडक्वार्टर अन्ना लता सिन्हा मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने मृतक के परिवार से बातचीत की और उनकी मांगों तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
वहीं क्षेत्र के विधायक प्रो. घारू राम भगत भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल उत्तम चंद की मौत को लेकर परिवार और पुलिस के दावे पूरी तरह अलग-अलग हैं। परिवार जहां पुलिस हिरासत में मारपीट को मौत की वजह बता रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि युवक को पहले हुए झगड़े में चोटें लगी थीं।
अब इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की भूमिका अहम होगी। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्तम चंद की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और उसकी मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था।



