JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक ढांचे में बुधवार को महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अवकाश पर रहने के दौरान लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेश के बाद अब विनय कुमार सक्सेना कुछ समय के लिए लद्दाख के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर का प्रशासन भी संभालेंगे।
यह व्यवस्था पूरी तरह अंतरिम है और मनोज सिन्हा के वापस लौटकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में दोबारा कार्यभार संभालने तक प्रभावी रहेगी। सूत्रों के अनुसार मनोज सिन्हा के 14 सितंबर के आसपास भारत लौटने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि उनकी वापसी और अवकाश की अवधि को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्रपति के आदेश के बाद अतिरिक्त जिम्मेदारी
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक विनय कुमार सक्सेना अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अलावा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के कार्यों का निर्वहन करेंगे। यानी इस दौरान लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की प्रशासनिक जिम्मेदारी एक ही उपराज्यपाल के पास रहेगी।
यह पहला मौका नहीं है जब किसी उपराज्यपाल को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई हो, लेकिन मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों में इस फैसले ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
अमेरिका दौरे पर हैं मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा फिलहाल अमेरिका के दौरे पर हैं। उनके अवकाश पर रहने के कारण प्रशासनिक कामकाज में किसी तरह का व्यवधान न हो, इसके लिए राष्ट्रपति की ओर से यह अंतरिम व्यवस्था की गई है।
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ राजनीतिक हलकों में इसे महज प्रशासनिक व्यवस्था माना जा रहा है, जबकि कुछ लोग इसे भविष्य में होने वाले संभावित राजनीतिक बदलावों से जोड़कर देख रहे हैं।
दो केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी एक साथ
विनय कुमार सक्सेना के लिए जम्मू-कश्मीर का अतिरिक्त प्रभार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह वर्तमान में लद्दाख के उपराज्यपाल हैं। उन्होंने मार्च 2026 में लद्दाख के चौथे उपराज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था।
इससे पहले वह दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब राष्ट्रपति के आदेश के बाद उन्हें कुछ समय के लिए लद्दाख के साथ जम्मू-कश्मीर का प्रशासन भी देखना होगा।
2020 से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल हैं मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा ने 7 अगस्त 2020 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का पद संभाला था। उनके कार्यकाल की कोई निश्चित अवधि निर्धारित नहीं होती, क्योंकि उपराज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत रहती है।
फिलहाल राष्ट्रपति के आदेश में विनय कुमार सक्सेना को केवल अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसलिए इसे मनोज सिन्हा की स्थायी जगह नियुक्ति के रूप में नहीं देखा जा सकता।
राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज
विनय कुमार सक्सेना को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक गलियारों में मनोज सिन्हा को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि इन चर्चाओं की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक हलकों में यह अटकल भी लगाई जा रही है कि भविष्य में मनोज सिन्हा को भारतीय जनता पार्टी में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है और उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर से सक्रिय किया जा सकता है।
इसके अलावा यह चर्चा भी है कि उन्हें केंद्र सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इन अटकलों को उस मुलाकात से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जब 22 अगस्त को मनोज सिन्हा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। हालांकि उस मुलाकात का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया था और न ही सरकार की ओर से ऐसी किसी संभावित नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक संकेत दिया गया है।
फिलहाल बदलाव केवल अतिरिक्त प्रभार तक सीमित
मौजूदा स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद पर मनोज सिन्हा की नियुक्ति समाप्त किए जाने संबंधी कोई आदेश सामने नहीं आया है। विनय कुमार सक्सेना को केवल उनकी अनुपस्थिति के दौरान अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसलिए फिलहाल जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक बदलाव को अंतरिम व्यवस्था के तौर पर ही देखा जा रहा है। मनोज सिन्हा की वापसी के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मनोज सिन्हा तय समय के अनुसार वापस लौटकर जम्मू-कश्मीर का कार्यभार संभालते हैं या केंद्र की ओर से कोई नया निर्णय सामने आता है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में मनोज सिन्हा ही हैं और विनय कुमार सक्सेना को उनकी अनुपस्थिति में अतिरिक्त प्रभार मिला है।


