JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के भाई और पुलिस इंस्पेक्टर विजय चौधरी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई किए जाने की खबर सामने आई। यह मामला कथित आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़ी पहले दर्ज की गई FIR के आधार पर आगे बढ़ा है।
जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई से हुई थी। ACB ने विजय चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर FIR दर्ज की थी। अब इसी FIR को आधार बनाकर ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
बेनामी संपत्तियों और मनी ट्रेल की जांच
ED की जांच में कथित तौर पर संपत्तियों और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर अर्जित संपत्ति के लिए धन का स्रोत क्या था, पैसा किन माध्यमों से इधर-उधर किया गया और उसका निवेश कहां किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में कथित बेनामी लेनदेन और कुछ संपत्तियों के अन्य लोगों के नाम पर होने के पहलू भी शामिल हैं। एजेंसी कथित मनी ट्रेल की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन के पीछे वास्तविक धन का स्रोत क्या था।
हालांकि, जांच के इस चरण में सामने आए आरोपों को अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। मामले में अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विजय चौधरी ने रिपोर्टों पर दी सफाई
इस बीच विजय चौधरी की ओर से सोशल मीडिया पर उन्हें ‘सस्पेंडेड इंस्पेक्टर’ बताए जाने संबंधी खबरों का खंडन किए जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने इस तरह की रिपोर्टों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
मामले में अब ED की जांच आगे बढ़ने के साथ यह महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसी को कथित संपत्तियों, लेनदेन और धन के स्रोत को लेकर क्या जानकारी मिलती है।
भाई पर कार्रवाई को लेकर क्या बोले सुरिंदर चौधरी?
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से जब उनके भाई के खिलाफ ED की कार्रवाई को लेकर पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने मामले पर संयमित प्रतिक्रिया दी।
सुरिंदर चौधरी ने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने देश की न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर कोई मामला है तो उसकी जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़नी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने इसी दौरान माइनिंग, PWD और बड़ी कंपनियों से जुड़े पुराने मामलों और जुर्माने की फाइलें खोले जाने की बात भी कही। उनके इस बयान को राजनीतिक तौर पर भी देखा जा रहा है।
मामले के राजनीतिक मायने भी अहम
उपमुख्यमंत्री के भाई के खिलाफ ED की कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार बयानबाजी चल रही है।
विजय चौधरी के खिलाफ ED की जांच को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने की संभावना है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR, जांच या ED की कार्रवाई को अपने आप में अपराध साबित होना नहीं माना जाता। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है।
मंत्रिमंडल में फेरबदल पर भी बोले डिप्टी CM
पत्रकारों ने इस दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी सवाल किया।
पिछले कुछ समय से सरकार में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इस पर सुरिंदर चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे रखना है और किसे हटाना है, इसका फैसला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला का विशेषाधिकार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल से जुड़े फैसले पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री के स्तर पर ही लिए जाएंगे।
अब ED की जांच पर रहेगी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में ED की जांच आगे बढ़ने के साथ कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। जांच एजेंसी कथित संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है।
वहीं, विजय चौधरी की ओर से सामने रखे गए पक्ष और जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। मामले में आरोपों की अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



