JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर सरकार 16 अक्टूबर को अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे करने जा रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही थीं। हालांकि, अब विधानसभा सत्र नजदीक होने के कारण फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना कम बताई जा रही है।
15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार किए जाने की चर्चाएं तेज हुई थीं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से भी संपर्क कर यह जानने का प्रयास किया था कि कांग्रेस सरकार में मंत्री पद स्वीकार करने के लिए तैयार है या नहीं।
इसके बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर के अपने नेताओं के साथ इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा की। कांग्रेस के सरकार में शामिल होने और उसके विधायकों को मंत्री पद दिए जाने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा होती रही है।
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर सरकार की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत कुल छह सदस्य हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के दसवें हिस्से तक सीमित है। इस हिसाब से सरकार में तीन और मंत्रियों को शामिल किए जाने की गुंजाइश है।
हालांकि, विधानसभा सत्र नजदीक होने के कारण सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल सत्र की तैयारियों और उससे जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर रहने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सत्र पूरा होने के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है।
ऐसे में फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच होने वाली राजनीतिक बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकार में नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा या मौजूदा मंत्रिपरिषद में ही बदलाव किया जाएगा।



