Saturday, November 7, 2026
Saturday, November 7, 2026

राज्य का दर्जा और विधानसभा की मांग पर गतिरोध, लद्दाख में फिर आंदोलन की तैयारी; 20 सितंबर को कारगिल में बड़ा प्रदर्शन

JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू

लद्दाख के राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। केंद्र सरकार और लद्दाख के संगठनों के बीच 9 सितंबर को दिल्ली में हुई बैठक के बाद लेह अपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने असंतोष जताया है। इसी कड़ी में कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने 20 सितंबर को कारगिल में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

लद्दाख के संगठनों की प्रमुख मांगों में राज्य का दर्जा, विधानसभा की व्यवस्था और क्षेत्र के लिए संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से इन मांगों पर अभी तक ऐसा कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आया है, जिस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन सके।

9 सितंबर की बैठक के बाद बढ़ी नाराजगी

गृह मंत्रालय की उपसमिति और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच 9 सितंबर को दिल्ली में बैठक हुई थी। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने बैठक को निराशाजनक बताते हुए आरोप लगाया है कि लद्दाख के लिए प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश स्तर के विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को लेकर कोई ठोस मसौदा पेश नहीं किया गया।

केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलई ने कहा कि संगठन को उम्मीद थी कि बैठक में केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर स्पष्ट मसौदा सामने रखा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि बैठक में कई ऐसी ही बातों पर चर्चा हुई, जिन पर पहले भी बातचीत हो चुकी है।

राज्य का दर्जा और विधानसभा की मांग पर नहीं बनी सहमति

लद्दाख के संगठनों की ओर से लंबे समय से राज्य का दर्जा और विधानसभा की मांग उठाई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र की ओर से इन मांगों को स्वीकार किए जाने के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बजाय लद्दाख के लिए अलग संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर बातचीत आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।

गृह मंत्रालय की उपसमिति की अगली बैठक अक्टूबर में कारगिल में प्रस्तावित है। इससे पहले दोनों प्रमुख संगठन अपने आंदोलन को दोबारा तेज करने की तैयारी में हैं।

20 सितंबर को कारगिल में विरोध प्रदर्शन

कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने 20 सितंबर को कारगिल में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है। संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन लद्दाख के राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ पिछले वर्ष लेह में हुई हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर किया जाएगा।

पिछले वर्ष 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा और पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत हुई थी। इन घटनाओं को एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।

मृतकों और घायलों के लिए अधिक मुआवजे की मांग

केडीए ने हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों के लिए घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताया है। संगठन ने मृतकों के परिवारों, गंभीर रूप से घायल लोगों और मामूली रूप से घायल लोगों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की है।

केडीए के अनुसार, मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50 लाख से 1 करोड़ रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को 30 से 50 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाना चाहिए।

इसके अलावा संगठन ने हिंसा से जुड़े मामलों में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी मांग उठाई है।

बैठकों की लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग

केडीए ने भविष्य में लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर होने वाली उपसमिति या उच्चस्तरीय समिति की बैठकों की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग और लाइव प्रसारण की मांग भी रखी है।

संगठन का कहना है कि बैठकों में क्या चर्चा हुई और किन मुद्दों पर सहमति या असहमति बनी, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आते हैं। ऐसे में बैठकों की पारदर्शी रिकॉर्डिंग और लाइव प्रसारण से स्थिति स्पष्ट रहेगी और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।

लेह से कारगिल तक आंदोलन की तैयारी

लेह अपेक्स बॉडी की ओर से भी आंदोलन की घोषणा की गई है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख के मुद्दों को लेकर 19 सितंबर से 24 सितंबर तक पदयात्रा करने की घोषणा की है।

इस तरह सितंबर के तीसरे सप्ताह में लद्दाख में अलग-अलग कार्यक्रमों और प्रदर्शनों के जरिए केंद्र सरकार पर क्षेत्र की मांगों को लेकर दबाव बढ़ाने की तैयारी दिखाई दे रही है।

उपराज्यपाल ने संगठनों पर साधा निशाना

दूसरी ओर, लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को जंस्कार महोत्सव के उद्घाटन के दौरान कुछ संगठनों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ संगठन विकास की वास्तविक चिंता किए बिना अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रयास कर रहे हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि किसी को भी लद्दाख की प्रगति में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

ऐसे में एक तरफ केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर संगठनों ने अपने आंदोलन को दोबारा तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब 20 सितंबर का कारगिल प्रदर्शन और 19 से 24 सितंबर तक प्रस्तावित कार्यक्रम यह तय करेंगे कि आने वाले दिनों में लद्दाख के मुद्दे को लेकर आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Hot this week

AP TET 2024: Answer Key for Day 1 exam to be OUT today at aptet.apcfss.in; Check 5-steps to download here

P TET Answer Key 2024: The School Education Department,...

Export of handmade products nearly triple in Q1 CFY, cross ₹300 Cr

SRINAGAR, JULY 19 – In a major fillip to...

Army brings hope to remote J&K village: Young Boy finds his voice after 8 years of silence

Kathua: 16 Aug 2025: For eight years, Akshay Sharma,...

Person impersonating as RTO arrested from Jammu’s Miran Sahib

JAMMU, 12 August 2025: A major fraud was busted...

SSP Jammu holds security review meeting ahead of Independence Day 2025

JAMMU: SSP Jammu, Joginder Singh, JKPS chaired a virtual...

Related Articles

Popular Categories