JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
आम आदमी पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष और डोडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक मेहराज मलिक को मंगलवार को डोडा पुलिस ने एक पुराने लंबित आपराधिक मामले में हिरासत में लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की। हिरासत में लिए जाने के बाद मेहराज मलिक को डोडा की अदालत में पेश किया गया, जहां मामले की सुनवाई हुई।
पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि विधायक मेहराज मलिक को किसी नए मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार, अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट की तामील के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया और इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष पेश किया गया।
अदालत में आरोप तय
डोडा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पुराने आपराधिक मामले में मेहराज मलिक के खिलाफ आरोप तय किए गए। आरोप तय होने के बाद अब इस मामले में आगे की सुनवाई और मुकदमे की प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।
विधायक की अदालत में पेशी को देखते हुए डोडा कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में मेहराज मलिक के समर्थक और स्थानीय लोग अदालत परिसर के बाहर मौजूद रहे।
अप्रैल में पीएसए मामले में मिली थी राहत
मेहराज मलिक इससे पहले भी कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं। अप्रैल 2026 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा कानून के तहत की गई निवारक हिरासत को रद्द कर दिया था। अदालत ने उस हिरासत को गैरकानूनी करार देते हुए उन्हें राहत दी थी।
हालांकि, मौजूदा कार्रवाई उस पुराने लंबित आपराधिक मामले से संबंधित है, जिसमें अदालत की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। पुलिस ने भी इस बात को स्पष्ट किया है कि मंगलवार की कार्रवाई किसी नए मामले में गिरफ्तारी नहीं थी।
2024 में डोडा से जीते थे विधानसभा चुनाव
मेहराज मलिक ने वर्ष 2024 में हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में डोडा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। उनकी जीत आम आदमी पार्टी के लिए जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इस चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी ने केंद्र शासित प्रदेश में पहली बार विधानसभा सीट हासिल की।
डोडा से चुनाव जीतने के बाद मेहराज मलिक चिनाब क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हुए। वह आम आदमी पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष भी हैं।
फिलहाल पुराने आपराधिक मामले में अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।



