Friday, October 2, 2026
Friday, October 2, 2026

2032 तक जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर दौड़ेंगी 1.40 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां, 900 चार्जिंग साइट बनाने का लक्ष्य

JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू

जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वर्ष 2026 से 2032 तक के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की है। इस नीति के तहत वर्ष 2032 तक प्रदेश की सड़कों पर करीब 1.40 लाख इलेक्ट्रिक वाहन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने, खरीद पर ब्याज सब्सिडी देने और पुराने वाहनों को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है।

जम्मू-कश्मीर इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 को प्रदेश के सभी 20 जिलों में लागू किया जाएगा। नीति में जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों के साथ-साथ कश्मीर में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड और बर्फबारी को भी ध्यान में रखा गया है।

900 सार्वजनिक चार्जिंग साइट बनाने की योजना

इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के साथ उनके लिए पर्याप्त चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। नई नीति के तहत जम्मू-कश्मीर में 900 सार्वजनिक चार्जिंग साइट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 140 फास्ट चार्जिंग हब शहरों और प्रमुख राजमार्गों पर बनाए जाने का प्रावधान है।

इसके अलावा नए भवनों और पार्किंग स्थलों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। नीति के तहत पार्किंग क्षमता का 20 प्रतिशत हिस्सा ईवी-रेडी रखने का प्रावधान किया गया है।

बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान में होगी वाहनों की जांच

जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिक वाहनों के सामने मौसम की चुनौती को देखते हुए नीति में विशेष विंटर वैलिडेशन प्रोटोकॉल शामिल किया गया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की बर्फबारी और अत्यधिक ठंड जैसी परिस्थितियों में कार्यक्षमता की जांच की जाएगी।

खासकर कश्मीर घाटी में सर्दियों के दौरान तापमान शून्य से नीचे पहुंचने पर इलेक्ट्रिक वाहन और उनकी बैटरी किस तरह प्रदर्शन करती है, इसका परीक्षण किया जाएगा। इससे कठिन मौसम में ईवी के संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।

ईवी खरीदने पर ब्याज में मिलेगी राहत

नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए तीन से पांच प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। यह सुविधा अधिकतम 36 महीने तक उपलब्ध हो सकती है। हालांकि, इसका लाभ निर्धारित पात्रता और नीति में तय शर्तों के आधार पर मिलेगा।

पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को भी प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए सरकार ने हर वर्ष 50 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान रखा है।

शुरुआती खरीदारों के लिए भी प्रोत्साहन

सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को शुरुआती दौर में अपनाने वाले खरीदारों के लिए अलग से प्रोत्साहन तय किए हैं। नीति के तहत पहले 15,800 पात्र खरीदारों को इन प्रोत्साहनों का लाभ मिलेगा।

पहली 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए 15 लाख रुपये, पहली 1,500 निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए एक लाख रुपये और पहले 10,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 5,000 रुपये का प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है। इन योजनाओं का लाभ संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार दिया जाएगा।

बिजली व्यवस्था को भी किया जाएगा तैयार

इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ बिजली की मांग में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसे देखते हुए नीति में चार्जिंग स्टेशनों से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली मांग को मौजूदा बिजली नेटवर्क के साथ व्यवस्थित तरीके से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

सरकारी और अन्य वाहनों के बेड़े को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने, ईवी क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने पर भी सरकार का जोर रहेगा।

जम्मू-कश्मीर में तेजी से बढ़ रहा ईवी का चलन

जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इनके पंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्र की फेम-2 योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक जम्मू-कश्मीर में 7,653 इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन मिला था।

वहीं पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 22 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 15,940 इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया गया। इलेक्ट्रिक कारों के पंजीकरण में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023 में 166 इलेक्ट्रिक कारें पंजीकृत हुई थीं, जो 2024 में बढ़कर 271 और वर्ष 2025 में 458 हो गईं। वर्ष 2026 में अब तक 486 इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण हो चुका है।

इसके बावजूद प्रदेश में कुल कार पंजीकरण की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी अभी करीब 1.1 प्रतिशत है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए 200 इलेक्ट्रिक बसें भी आवंटित की गई हैं।

नई ईवी नीति के जरिए सरकार का फोकस आने वाले छह वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ चार्जिंग ढांचे को मजबूत करने, खरीद की लागत को कम करने और जम्मू-कश्मीर की विशेष भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों के अनुरूप इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था तैयार करने पर रहेगा।

Hot this week

AP TET 2024: Answer Key for Day 1 exam to be OUT today at aptet.apcfss.in; Check 5-steps to download here

P TET Answer Key 2024: The School Education Department,...

Army brings hope to remote J&K village: Young Boy finds his voice after 8 years of silence

Kathua: 16 Aug 2025: For eight years, Akshay Sharma,...

Person impersonating as RTO arrested from Jammu’s Miran Sahib

JAMMU, 12 August 2025: A major fraud was busted...

SSP Jammu holds security review meeting ahead of Independence Day 2025

JAMMU: SSP Jammu, Joginder Singh, JKPS chaired a virtual...

Hard-core criminal arrested with weapons by Samba Police

Samba, August 19, 2025: Samba Police has achieved a...

वेतन बढ़ोतरी पर विधानसभा में घमासान, ‘प्राइवेट जॉब कर लो’ वाली टिप्पणी से गरमाया सदन

JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार...

सोनमर्ग टनल में अचानक धधकी कार, फायर टीम ने समय रहते पाया आग पर काबू

JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले...

Related Articles

Popular Categories