JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ देने के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियमों में संशोधन किया है। इस फैसले से कर्मचारियों को विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार और जरूरी चिकित्सा उपकरणों पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति के संबंध में राहत मिलेगी। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में हृदय संबंधी उपकरणों, कृत्रिम अंगों, आंखों में लगाए जाने वाले लेंस, सांस लेने में सहायता देने वाली मशीनों और सुनने में मदद करने वाले उपकरणों के लिए अधिकतम प्रतिपूर्ति दरें निर्धारित की गई हैं।
यह संशोधन जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (चिकित्सा उपस्थिति एवं भत्ता) नियम, 1990 के तहत किया गया है। इसके माध्यम से चिकित्सा उपकरणों और उपचार संबंधी खर्चों की प्रतिपूर्ति के लिए निर्धारित दरों को स्पष्ट किया गया है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के परिवार की परिभाषा में भी विस्तार किया गया है, जिससे नियमों के तहत पात्र आश्रितों को चिकित्सा लाभ मिल सकेगा।
आश्रित परिवार की परिभाषा में किया गया विस्तार
वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकारी कर्मचारी के परिवार में पति या पत्नी, माता-पिता, बहनें, विधवा बहनें, विधवा बेटियां, नाबालिग भाई, बच्चे, सौतेले बच्चे और सौतेली मां सहित निर्धारित श्रेणियों के सदस्यों को शामिल किया गया है। संशोधित प्रावधानों में आश्रित भाई और तलाकशुदा या अलग रह रही आश्रित बेटियों को भी शामिल किया गया है।
हालांकि, किसी परिजन को पूरी तरह आश्रित मानने के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा। नियमों के अनुसार, संबंधित परिवार का सदस्य सामान्य रूप से सरकारी कर्मचारी के साथ रहता हो और उसकी कुल मासिक आय 9,000 रुपये तथा उस पर लागू महंगाई भत्ते की राशि से अधिक न हो। इन शर्तों के आधार पर ही आश्रित होने की पात्रता निर्धारित की जाएगी।
हृदय संबंधी उपकरणों की प्रतिपूर्ति के लिए तय की गई दरें
संशोधित नियमों में हृदय संबंधी उपकरणों के लिए भी अधिकतम प्रतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई है। अधिसूचना में डबल वाल्व प्रतिस्थापन के लिए 1,10,500 रुपये और माइट्रल या एओर्टिक वाल्व प्रतिस्थापन के लिए 45,050 रुपये की अधिकतम दर तय की गई है।
इसके अलावा, सिंगल चैंबर और डुअल चैंबर पेसमेकर के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। पेसमेकर जैसे उपकरणों की आवश्यकता हृदय की धड़कन से जुड़ी कुछ चिकित्सकीय स्थितियों में पड़ती है। ऐसे में प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा तय होने से पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को चिकित्सा खर्च के संबंध में सहायता मिल सकेगी।
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सांस लेने वाली मशीनों के लिए भी प्रावधान
सरकार ने सांस लेने में सहायता देने वाले उपकरणों को भी प्रतिपूर्ति के प्रावधानों में स्पष्ट रूप से शामिल किया है। इनमें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सीपैप, बाइपैप और बाइलेवल वेंटिलेटरी सिस्टम जैसे उपकरण शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सीपैप उपकरण के लिए अधिकतम प्रतिपूर्ति सीमा 45,000-45,000 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, बाइलेवल सीपैप उपकरण के लिए 68,000 रुपये और बाइलेवल वेंटिलेटरी सिस्टम के लिए 1,05,000 रुपये की अधिकतम सीमा तय की गई है।
इन उपकरणों के लिए निर्धारित दरों पर लागू प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी देय होगा। इन दरों का उद्देश्य संबंधित चिकित्सा उपकरणों पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए स्पष्ट सीमा निर्धारित करना है।
आंखों के उपचार और लेंस के लिए भी निर्धारित हुई अधिकतम राशि
संशोधित नियमों में आंखों के ऑपरेशन और इंट्राऑक्युलर लेंस से संबंधित प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया है। इनके लिए अधिकतम प्रतिपूर्ति दरें 714 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक निर्धारित की गई हैं। इंट्राऑक्युलर लेंस का उपयोग आंखों के कुछ ऑपरेशनों के दौरान किया जाता है। इनकी प्रतिपूर्ति के लिए अलग-अलग दरें तय होने से पात्र लाभार्थियों के चिकित्सा खर्च का हिसाब निर्धारित नियमों के अनुसार लगाया जा सकेगा।
श्रवण यंत्र और कॉक्लियर इम्प्लांट की सीमा भी तय
सुनने में परेशानी का सामना करने वाले मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले श्रवण यंत्रों की प्रतिपूर्ति दरें भी अधिसूचना में शामिल हैं। डिजिटल बिहाइंड-द-ईयर श्रवण यंत्र के लिए अधिकतम 8,000 रुपये और डिजिटल इन-द-कैनाल या कम्प्लीटली-इन-कैनाल श्रवण यंत्र के लिए 9,000 रुपये की सीमा निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए अधिकतम प्रतिपूर्ति राशि 5,35,000 रुपये तय की गई है। कॉक्लियर इम्प्लांट एक विशेष चिकित्सा उपकरण है, जिसका इस्तेमाल सुनने की गंभीर समस्या वाले कुछ मरीजों में किया जाता है।
चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए नियमों में स्पष्टता
जम्मू-कश्मीर सरकार के इस संशोधन में चिकित्सा उपकरणों की अधिकतम प्रतिपूर्ति राशि निर्धारित करने के साथ-साथ पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों का दायरा भी स्पष्ट किया गया है। इससे सरकारी कर्मचारियों को अपने परिवार के उपचार और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति के संबंध में निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिल सकेगा।
हालांकि, प्रतिपूर्ति की वास्तविक राशि संबंधित उपकरण, उपचार, पात्रता और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर करेगी। इसलिए कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च का दावा करने से पहले संबंधित विभाग से पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।



