Thursday, February 12, 2026
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सोशल मीडिया बना घरों का नया तीसरा साथी: चाय से लेकर स्टेटस तक… जम्मू में रिश्तों पर बढ़ रहा डिजिटल दबाव

JNM संवाददाता जम्मू
हरदीप जमवाल

जम्मू में परिवारों की तकरार अब सिर्फ घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रही। चाय ठंडी हो जाए या स्टेटस गर्म—अब रिश्तों में खटास पैदा करने के सबसे बड़े कारणों में सोशल मीडिया तेजी से शामिल हो रहा है। गांधी नगर महिला थाना जम्मू में बीते तीन सालों में आए मामलों ने एक चौंकाने वाला सच उजागर किया है—जहां डिजिटल आदतें कई घरों में दूरी और अविश्वास की वजह बन रही हैं।

तकनीक ने जहां लोगों को एक-दूसरे के करीब लाया, वहीं इससे पैदा हुई ‘डिजिटल दूरी’ ने कई रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच उभर रहे नए विवादों में सोशल मीडिया, देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल और ऑनलाइन इंटरैक्शन सबसे अहम कारण बनते जा रहे हैं।

छोटी बात, बड़ा विवाद — ‘डिजिटल झगड़े’ अब थाने तक

गांधी नगर महिला थाने में सामने आए कई मामलों में, पति-पत्नी की नोकझोंक की वजह बेहद मामूली लगती है, लेकिन असर हैरान करने वाला।

केस-1: पत्नी ने सोशल मीडिया पर ऐसा स्टेटस लगाया जिसे देखकर पति व ससुराल वाले आहत हो गए। मामूली सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।

केस-2: एक महिला की पोस्ट पर किसी और के कमेंट ने पति को शक में डाल दिया। नोकझोंक इतनी बढ़ी कि कानूनी दखल की जरूरत पड़ी।

केस-3: चाय की एक कप ने अलग ही मोड़ ले लिया—पति का आरोप था कि पत्नी फोन में डूबी रही, चाय देना भूल गई। बात सीधे थाने में पहुंची।

केस-4: मोबाइल पर ज्यादा सक्रिय रहने और परिवार को समय न देने से तनाव इतने बढ़े कि कई मामले एक्स्ट्रामैरिटल संदेह तक जा पहुंचे।

महिला थाना इन चार दीवारों से निकलकर डिजिटल दुनिया में भी पीछे छूट रहे रिश्ते

महिला थाना गांधी नगर के आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में पारिवारिक विवादों का स्वरूप बदल गया है। जहां पहले झगड़े पारंपरिक घरेलू कारणों से होते थे, अब सोशल मीडिया सबसे बड़ा उत्प्रेरक बनकर उभर रहा है।

पिछले तीन सालों में आए केस:

2023: 1332

2024: 847

2025: 877
कुल मामले – 3056, जिनमें से सोशल मीडिया से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

महिला थाना प्रभारी आरती ठाकुर के अनुसार,
“पहली कोशिश यही होती है कि दोनों पक्ष बातचीत से मामले को सुलझा लें। पर पिछले कुछ समय में देखा गया है कि थाने आने वाले मामलों में सोशल मीडिया ही मुख्य वजह बनता जा रहा है। डिजिटल दुनिया जितनी जरूरी है, परिवार उतना ही ज़रूरी है—और उस संतुलन का टूटना ही झगड़ों की जड़ है।”

डिजिटल लाइफस्टाइल ने बढ़ाया तनाव

परिवार के बीच समय की कमी, देर रात तक मोबाइल का उपयोग, ऑनलाइन चैटिंग पर शक, और स्टेटस से आहत होने तक—ये सभी बातें अब घरों की शांति छीनने लगी हैं। सोशल मीडिया के चलते बढ़ती असुरक्षा और अविश्वास ने कई रिश्तों को तनाव के मोड़ पर ला खड़ा किया है।

नतीजा—छोटी सी बात से बड़ा विवाद

जम्मू में आजकल घरों के भीतर दो लोग नहीं, बल्कि तीसरा साथी—सोशल मीडिया भी मौजूद है। और यही तीसरा साथी कई बार रिश्ता जोड़ने के बजाय तोड़ने की वजह बन रहा है।

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