JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
जम्मू की पहचान और डुग्गर की संस्कृति से जुड़ी डोगरी भाषा को अब शहर के सार्वजनिक स्थानों पर भी प्रमुखता मिलने जा रही है। जम्मू नगर निगम ने डोगरी भाषा और जम्मू की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर डोगरी भाषा के साइनबोर्ड लगाने की पहल शुरू की है।
इस पहल के बाद जम्मू शहर में लोगों को कई प्रमुख स्थानों पर डोगरी भाषा में साइनबोर्ड दिखाई देंगे। इसे जम्मू की स्थानीय भाषा को सार्वजनिक जीवन में सम्मान और पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामाजिक संस्था के अनुरोध पर शुरू हुई पहल
यह पहल सयाना नागरिक मदद सेवा संस्था के अनुरोध पर शुरू की गई है। संस्था की ओर से सहयोग के रूप में कई डोगरी साइनबोर्ड उपलब्ध करवाए गए हैं। इन साइनबोर्ड को अब जम्मू नगर निगम की ओर से शहर के उपयुक्त और प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है।
इस पूरी प्रक्रिया को जम्मू नगर निगम के आयुक्त डॉ. देवांश यादव के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है।
सार्वजनिक स्थानों पर दिखेगी डोगरी की झलक
जम्मू की डोगरी भाषा यहां की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा है। ऐसे में शहर की सड़कों और चौराहों पर डोगरी भाषा में साइनबोर्ड लगाए जाने से स्थानीय भाषा को लोगों के बीच और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद है।
इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य युवा पीढ़ी को भी अपनी भाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। सार्वजनिक स्थानों पर डोगरी दिखाई देने से युवाओं में अपनी मातृभाषा को लेकर रुचि और जागरूकता बढ़ सकती है।
डोगरी को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने की कोशिश
अक्सर स्थानीय भाषाएं घरों, साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित रह जाती हैं। ऐसे में जम्मू शहर के सार्वजनिक स्थानों पर डोगरी को जगह देना भाषा को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नगर निगम की इस पहल से जम्मू आने वाले पर्यटकों को भी डुग्गर की स्थानीय भाषा और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इससे जम्मू की अलग सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल सकती है।
अधिकारियों ने साझा की परियोजना की जानकारी
इस परियोजना और इसके क्रियान्वयन को लेकर जम्मू नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (राजस्व एवं प्रवर्तन) तथा जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुलभूषण खजूरिया ने विस्तृत जानकारी साझा की है।
नगर निगम की ओर से ऐसे प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां इन डोगरी साइनबोर्ड को लगाया जा सके और अधिक से अधिक लोग इन्हें देख सकें।
भाषा के साथ संस्कृति को भी मिलेगा बढ़ावा
डोगरी को सार्वजनिक स्थानों पर स्थान मिलने से केवल भाषा को ही बढ़ावा नहीं मिलेगा, बल्कि इसके साथ जुड़ी डुग्गर की लोक संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान को भी नई मजबूती मिल सकती है।
स्थानीय स्तर पर इस तरह की पहल को जम्मू की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि डोगरी भाषा का इस्तेमाल शहर के अन्य सार्वजनिक संकेतकों और सूचनाओं में भी बढ़ाया जाता है, तो इससे भाषा को और व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सकता है।
अब जम्मू की सड़कों और चौराहों पर दिखाई देने वाले डोगरी साइनबोर्ड सिर्फ दिशा या स्थान की जानकारी नहीं देंगे, बल्कि डुग्गर की भाषा और पहचान की भी कहानी कहेंगे।



