JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
जम्मू-कश्मीर में बन रहे दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तकनीकी जांच तेज कर दी है। सांबा जिले के जख क्षेत्र में मंगलवार को निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर पर हुए हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य श्रमिक घायल हुआ था। घटना के बाद अब हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हादसा निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल की जा रही लॉन्चिंग गैंट्री के संचालन में आई किसी तकनीकी खामी के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, NHAI ने स्पष्ट किया है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और हादसे के सही कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो पाएगी।
तीन विशेषज्ञों की टीम ने संभाली जांच
NHAI के जम्मू कार्यालय की ओर से हादसे की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। टीम ने मौके का निरीक्षण करने के साथ-साथ उस अत्याधुनिक लॉन्चिंग गैंट्री की भी जांच शुरू कर दी है, जिसका इस्तेमाल एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण में किया जा रहा था।
जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे से पहले निर्माण कार्य किस चरण में था और लॉन्चिंग ऑपरेशन के दौरान कौन-कौन सी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं। इसके अलावा मशीनरी के तकनीकी और यांत्रिक पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
डिजाइन से लेकर मशीनरी तक हर पहलू की जांच
जांच के दौरान केवल मशीनरी को ही नहीं, बल्कि निर्माण से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों और संरचना के डिजाइन की भी समीक्षा की जा रही है। विशेषज्ञ यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं डिजाइन, मशीनरी, संचालन प्रक्रिया या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी तो नहीं थी।
NHAI के अनुसार जांच के दौरान संभावित यांत्रिक खराबी, संचालन में हुई चूक, डिजाइन से जुड़े तकनीकी पहलू और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और आवश्यक सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे।
भविष्य में हादसे रोकने पर जोर
हादसे के बाद निर्माणाधीन परियोजना में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठे हैं। NHAI ने कहा है कि निर्माण कार्य में श्रमिकों और अन्य संबंधित लोगों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्राधिकरण का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
मृतक श्रमिक के परिवार को मुआवजा और रोजगार
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए NHAI ने उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। इसके साथ ही संबंधित कंपनी की ओर से मृतक के निकटतम परिजन को रोजगार उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।
NHAI का कहना है कि किसी व्यक्ति की जान जाने से परिवार को हुई क्षति की भरपाई आर्थिक सहायता से संभव नहीं है, लेकिन मुआवजा और रोजगार की व्यवस्था प्रभावित परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक प्रयास है।
क्या वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा असर?
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे को जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ऐसे में निर्माणाधीन कॉरिडोर में हुए हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा और परियोजना के भविष्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, फिलहाल इस हादसे का माता वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों की सड़क यात्रा पर कोई सीधा असर नहीं है। दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन है और वर्तमान में सड़क मार्ग से कटड़ा तथा जम्मू-कश्मीर आने-जाने के लिए मुख्य NH-44 चालू है।
इसलिए फिलहाल वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों के लिए सामान्य सड़क यातायात प्रभावित होने की कोई जानकारी नहीं है। हादसे की जांच निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में हुए निर्माण हादसे को लेकर की जा रही है।
जांच रिपोर्ट पर रहेगी नजर
अब सभी की नजर NHAI की विशेषज्ञ टीम की विस्तृत जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा मशीनरी में तकनीकी खराबी, संचालन संबंधी चूक, डिजाइन में किसी कमी या किसी अन्य कारण से हुआ।
फिलहाल NHAI ने जांच पूरी होने तक किसी एक कारण को हादसे का अंतिम कारण नहीं माना है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की जिम्मेदारी और सुरक्षा संबंधी कदम तय किए जाएंगे।



