JNM पत्रकार हरदीप जमवाल,जम्मू
जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम से बनाई गई एक पैरोडी (फर्जी) पोस्ट साझा किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरुण चुग ने मुख्यमंत्री के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को विदेशी रंग देने का कोई औचित्य नहीं है।
तरुण चुग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और राज्य का दर्जा बहाल करने के संबंध में केंद्र सरकार पहले ही अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर चुकी है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रदेश में लोकतंत्र मजबूत हुआ है, विकास कार्यों को गति मिली है, पर्यटन क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और सुशासन की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ऐसे में जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी उचित नहीं है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर डोनाल्ड ट्रंप के नाम से बनाई गई एक व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में ट्रंप को मजाकिया अंदाज में उमर अब्दुल्ला के राज्य का दर्जा बहाल करने के अभियान की प्रशंसा करते हुए दिखाया गया था। पोस्ट में जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने इस पोस्ट को “काश…” शीर्षक के साथ साझा किया, जिससे यह स्पष्ट था कि यह एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी।
भाजपा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार की पोस्ट से जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने का गलत संदेश जाता है। तरुण चुग ने कहा कि प्रदेश से जुड़े मामलों का समाधान भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत ही होगा और किसी विदेशी नेता के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर की राजनीति का प्रमुख विषय बना रहेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि इस विषय पर उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा और जनता को गुमराह करने की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल, मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट और उस पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया ने जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में राज्य के दर्जे को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



