JNM पत्रकार: हरदीप जम्वाल,जम्मू
किश्तवाड़ में नाबालिग बच्ची की मौत से जुड़े मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। ट्राइबल गुर्जर बक्करवाल वेलफेयर फाउंडेशन (TGBWF) ने मामले को नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड ट्राइब्स (NCST) के समक्ष उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग की है। फाउंडेशन ने पीड़ित परिवार को मुआवजा, पुनर्वास और परिवार व गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
फाउंडेशन के अनुसार, मामले में आरोपी शिक्षक पर नाबालिग के साथ कथित यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं। शिकायत में कहा गया है कि पुलिस ने आरोपी खालिद हुसैन और उसके भाई तारिक हुसैन के खिलाफ BNS और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, पीड़िता के अनुसूचित जनजाति से होने का हवाला देते हुए फाउंडेशन ने SC/ST Act के तहत भी कार्रवाई की मांग की है।
TGBWF ने NCST से आग्रह किया है कि मामले को गंभीर अत्याचार से जुड़ी शिकायत के रूप में लिया जाए और जांच की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, DGP और संबंधित अधिकारियों से Action Taken Report मंगाने की मांग की गई है।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि मामले से जुड़े वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक बातचीत, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज, स्कूल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्चियां और दवाओं से संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित न हों।
फाउंडेशन ने इस बात की भी जांच की मांग की है कि क्या स्कूल प्रशासन, किसी अधिकारी, डॉक्टर, पंचायत प्रतिनिधि या घटना की जानकारी रखने वाले किसी व्यक्ति ने समय पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी थी या नहीं। इसके अलावा POCSO Act के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की गई है।
परिवार के लिए मुआवजा और सुरक्षा की मांग
TGBWF ने पीड़ित परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए माता-पिता, भाई-बहनों और महत्वपूर्ण गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फाउंडेशन ने SC/ST अत्याचार निवारण कानून के तहत परिवार को मिलने वाले कानूनी मुआवजे और पुनर्वास को जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।
फाउंडेशन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के साथ-साथ परिवार को हर जरूरी कानूनी और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
अब इस मामले में NCST की ओर से क्या संज्ञान लिया जाता है और संबंधित प्रशासन व पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।


