JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल जम्मू
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार में कांग्रेस की संभावित एंट्री को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से कांग्रेस को सरकार में शामिल होने के लिए एक मंत्री पद देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और कांग्रेस की ओर से भी इसे लेकर कोई सहमति नहीं जताई गई है।
बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के साथ सरकार में भागीदारी को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के लिए एक मंत्री पद रखने की पेशकश की गई है। इससे जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गठबंधन की सरकार में कांग्रेस की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि कांग्रेस ने फिलहाल अपनी स्थिति स्पष्ट रखी है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा है कि जब तक जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल नहीं होता, तब तक कांग्रेस सरकार में मंत्री पद स्वीकार नहीं करेगी। ऐसे में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्ताव के बावजूद कांग्रेस के सरकार में शामिल होने का रास्ता अभी साफ नहीं है।
2024 में भी हुई थी मंत्री पद को लेकर चर्चा
जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार बनने के समय भी कांग्रेस को मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, उस समय कांग्रेस की ओर से दो मंत्री पद की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल होने तक सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला किया था।
अब एक बार फिर नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से कांग्रेस को मंत्री पद का प्रस्ताव दिए जाने की खबर सामने आने के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक समीकरण को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
कौन बन सकता है कांग्रेस का मंत्री?
फिलहाल कांग्रेस की ओर से किसी विधायक का नाम मंत्री पद के लिए आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग नामों को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन इनकी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल किसी नेता का नाम तय मानना जल्दबाजी होगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले भी कह चुके हैं कि कांग्रेस जब चाहे सरकार में शामिल हो सकती है और उसके लिए मंत्रिमंडल में जगह उपलब्ध है।
अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस अपनी राज्य के दर्जे की शर्त पर कायम रहती है या नेशनल कॉन्फ्रेंस के नए प्रस्ताव के बाद दोनों दलों के बीच कोई राजनीतिक रास्ता निकलता है। फिलहाल कांग्रेस के सरकार में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मंत्री पद के प्रस्ताव की खबर ने जम्मू-कश्मीर की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है।


