JNM पत्रकार हरदीप जमवाल,जम्मू
जम्मू के सतवारी चौक और नई बस्ती क्षेत्र के 33 वैध दुकानदारों के लिए लंबे समय से चल रहा पुनर्वास का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। दिल्ली–अमृतसर–कटड़ा एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रभावित हुए इन दुकानदारों के पुनर्वास को जम्मू-कश्मीर सरकार ने औपचारिक प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से वर्षों से वैकल्पिक स्थान की मांग कर रहे प्रभावित व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत गोल गुजराल गांव के खसरा नंबर 746 की तीन कनाल सरकारी भूमि जम्मू नगर निगम को हस्तांतरित की जाएगी। इसी भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नई नगर निगम मार्केट का निर्माण किया जाएगा। इस मार्केट में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 33 वैध दुकानदारों और खोखा संचालकों का पुनर्वास किया जाएगा, ताकि वे दोबारा अपना व्यापार सुचारु रूप से शुरू कर सकें।
गौरतलब है कि दिल्ली–अमृतसर–कटड़ा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण के दौरान सतवारी चौक और नई बस्ती क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया गया था। इस दौरान वर्षों से कारोबार कर रहे कई दुकानदारों को अपनी दुकानें हटानी पड़ीं। वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण इन व्यापारियों के सामने रोज़गार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया था। प्रभावित दुकानदारों ने कई बार प्रदर्शन किए, प्रशासन से मुलाकात की और शीघ्र पुनर्वास की मांग उठाई।
सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पुनर्वास योजना का लाभ केवल उन्हीं 33 दुकानदारों को मिलेगा, जिनकी दुकानें वैध रूप से संचालित थीं और जो परियोजना से प्रभावित हुए हैं। वहीं, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले छह लोगों को इस योजना के तहत कोई लाभ नहीं दिया जाएगा।
नई मार्केट के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिनियम के तहत उपलब्ध एक्स-ग्रेशिया राशि जम्मू नगर निगम को हस्तांतरित की जाएगी, ताकि पुनर्वास कार्य में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा न आए और निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
पुनर्वास कार्य की निगरानी जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि नई मार्केट में सड़क, बिजली, पेयजल, जल निकासी, पार्किंग और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे दुकानदारों को बेहतर व्यावसायिक वातावरण मिल सके।
बताया जा रहा है कि प्रभावित दुकानदारों के विरोध, प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकों और विधानसभा में मामला उठने के बाद 23 जून 2026 को सरकार ने पुनर्वास प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब औपचारिक प्रशासनिक आदेश जारी होने के साथ ही वर्षों से लंबित यह मामला समाधान की दिशा में आगे बढ़ गया है।
व्यापारियों को उम्मीद है कि नई मार्केट के निर्माण के बाद वे दोबारा अपने कारोबार को व्यवस्थित ढंग से शुरू कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले को प्रभावित दुकानदारों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका को फिर से स्थिरता मिलने की उम्मीद जगी है।



