JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
जम्मू के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली पहल सामने आई है। जम्मू विश्वविद्यालय ने क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू और शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट-जम्मू) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के बाद पात्र विद्यार्थी यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत एक साथ दो शैक्षणिक पाठ्यक्रम करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो अपने मूल संस्थान में नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखते हुए किसी दूसरे विषय या क्षेत्र में अतिरिक्त योग्यता हासिल करना चाहते हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को अपनी मुख्य पढ़ाई के साथ एक अतिरिक्त पाठ्यक्रम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के रास्ते और व्यापक होंगे।
तीनों संस्थानों के बीच हुआ समझौता
जम्मू विश्वविद्यालय, क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू और स्कॉस्ट-जम्मू के बीच हुए इस समझौते पर संबंधित विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों ने हस्ताक्षर किए। जम्मू विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज शर्मा, स्कॉस्ट-जम्मू के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार और क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू के रजिस्ट्रार अंकुर महाजन ने MoU पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय और क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू के कुलपति प्रो. केएस चंद्रशेखर मौजूद रहे। वहीं, स्कॉस्ट-जम्मू के कुलपति प्रो. बीएन त्रिपाठी ने भी इस पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दीं।
पढ़ाई में मिलेगा ज्यादा लचीलापन
जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक लचीलापन, बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास और व्यापक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अपने मूल संस्थान में नियमित पढ़ाई जारी रखते हुए दूसरे क्षेत्र में भी अध्ययन कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को एक ही समय में अलग-अलग विषयों की जानकारी और अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप भी बताई गई है। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विभिन्न विषयों का अध्ययन करने तथा बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
20 स्वीकृत कार्यक्रमों में से चुन सकेंगे एक अतिरिक्त कोर्स
MoU के तहत पात्र विद्यार्थियों को जम्मू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) द्वारा संचालित 20 स्वीकृत कार्यक्रमों में से किसी एक अतिरिक्त पाठ्यक्रम में दाखिला लेने का अवसर मिलेगा।
विद्यार्थी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) अथवा ऑनलाइन माध्यम से यह अतिरिक्त पाठ्यक्रम कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए विद्यार्थियों को निर्धारित पात्रता शर्तों और विश्वविद्यालय तथा यूजीसी के लागू नियमों का पालन करना होगा।
इसका मतलब यह है कि यदि कोई विद्यार्थी अपने मूल विश्वविद्यालय या संस्थान से नियमित स्नातक अथवा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रहा है, तो पात्रता पूरी करने की स्थिति में वह जम्मू विश्वविद्यालय के CDOE के माध्यम से एक अतिरिक्त कार्यक्रम भी कर सकता है।
माइग्रेशन सर्टिफिकेट की अनिवार्यता से भी राहत
इस पूरी व्यवस्था की एक खास बात यह है कि MoU के तहत CDOE, जम्मू विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करने की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी।
माइग्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर विद्यार्थियों को अक्सर अलग-अलग संस्थानों से दस्तावेज जुटाने पड़ते हैं। ऐसे में इस प्रावधान से अतिरिक्त कोर्स में दाखिला लेने की प्रक्रिया उनके लिए आसान होने की उम्मीद है।
आवेदन और दाखिले की प्रक्रिया होगी सरल
विद्यार्थियों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ अपनी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज, वर्तमान संस्थान में नामांकन का प्रमाण और CDOE, जम्मू विश्वविद्यालय द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
सहयोगी विश्वविद्यालय और संस्थान विद्यार्थियों को उपलब्ध पाठ्यक्रमों, पात्रता मानदंड, प्रवेश कार्यक्रम और शुल्क से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त पाठ्यक्रम चुनने और आवेदन करने में सुविधा मिलेगी।
MoU खत्म होने पर भी विद्यार्थियों के हित सुरक्षित
समझौते में विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित रखने का भी प्रावधान किया गया है। यदि भविष्य में यह MoU समाप्त भी हो जाता है, तो इसके तहत पहले से दाखिला ले चुके विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
ऐसे विद्यार्थियों को अपने संबंधित कार्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में समझौता समाप्त होने की स्थिति में अपनी पढ़ाई अधूरी रह जाने की चिंता नहीं करनी होगी।
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
जम्मू विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आज के समय में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल एक विषय की डिग्री के बजाय अतिरिक्त कौशल और बहुविषयक ज्ञान भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
ऐसे में एक विद्यार्थी अपनी मुख्य डिग्री के साथ किसी दूसरे क्षेत्र में अतिरिक्त पाठ्यक्रम पूरा कर सकता है। इससे उसके ज्ञान का दायरा बढ़ने के साथ भविष्य में उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
कुल मिलाकर जम्मू विश्वविद्यालय, क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू और स्कॉस्ट-जम्मू के बीच हुआ यह समझौता विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को अधिक लचीले तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर देता है। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक साथ दो पाठ्यक्रम करने की सुविधा और माइग्रेशन सर्टिफिकेट की अनिवार्यता से राहत विद्यार्थियों के लिए इस पहल को और महत्वपूर्ण बनाती है।



