JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल,जम्मू
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर विधानसभा का सत्र बुलाने को मंजूरी दी है। ऐसे में आने वाला विधानसभा सत्र जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह विधानसभा सत्र जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत बुलाया गया है। सत्र के दौरान सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक मुद्दों को सदन में रखा जा सकता है। वहीं विपक्षी दल भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर सकते हैं।
सरकार के कामकाज पर होगी चर्चा
शरदकालीन सत्र में सरकार की ओर से मौजूदा योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर जानकारी सदन के सामने रखे जाने की उम्मीद है। इसके अलावा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सवाल भी सदन में उठा सकेंगे और सरकार की ओर से उन सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर में लंबे समय बाद चुनी हुई सरकार के गठन के बाद विधानसभा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में सितंबर में होने वाला यह सत्र सरकार के लिए अपनी नीतियों और कामकाज को सदन के सामने रखने का एक अहम अवसर होगा।
बजट सत्र में हुई थीं 22 बैठकें
इससे पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। अवकाश के बाद सदन की बैठकें 27 मार्च को दोबारा शुरू हुई थीं। बजट सत्र के दौरान कुल 22 बैठकें हुईं और इसके बाद 4 अप्रैल 2026 को सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
अब करीब साढ़े पांच महीने बाद विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी। आगामी सत्र में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा होती है और सरकार किन महत्वपूर्ण विधेयकों या प्रस्तावों को सदन में लाती है, इस पर जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी।


