JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
पहाड़ी क्षेत्र बनी में भूस्खलन ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बनी-बसोहली सड़क मार्ग पर टिकरी के पास मंगलवार तड़के अचानक भारी भूस्खलन होने से सड़क दोनों तरफ से पूरी तरह बंद हो गई। हैरानी की बात यह रही कि जिस समय भूस्खलन हुआ, उस वक्त बारिश भी नहीं हो रही थी।
सुबह करीब 4 बजे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। देखते ही देखते बनी और बसोहली की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों और मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होने के कारण लंबे समय तक आवाजाही बाधित रहने से लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ीं।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण राहत कार्य में कर्मचारियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद करीब दोपहर 2 बजे सड़क मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। सड़क खुलने के बाद दोनों तरफ फंसे वाहनों को आगे जाने का रास्ता मिला और लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बनी-बसोहली सड़क पर भूस्खलन की समस्या बार-बार सामने आ रही है। लोगों ने मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा दीवारें, उचित ड्रेनेज सिस्टम और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि बार-बार सड़क बंद होने की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
ग्रामीणों के मुताबिक, बिना बारिश के भूस्खलन होना भी चिंता का विषय है। ऐसे में सड़क के संवेदनशील हिस्सों की नियमित निगरानी और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।


