JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा एक्शन लिया है। जम्मू स्थित NIA की विशेष अदालत ने पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी हैंडलर मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। NIA के अनुसार, आरोपी पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आरोप हैं और उसे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेटवर्क का अहम हैंडलर माना जाता है।
NIA के मुताबिक, यह मामला श्रीनगर में मोहम्मद नकीब भट के पास से ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच से जुड़ा है। जांच के दौरान पाकिस्तान में मौजूद मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा की कथित भूमिका सामने आई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि अबू सुमामा ने पाकिस्तान में मौजूद अन्य आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए निर्देश दिए। NIA के अनुसार, उसने कथित तौर पर अब्दुल्ला राजपूत उर्फ कामरान अहमद और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट को कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के निर्देश दिए थे।
अदालत के समक्ष NIA ने बताया कि आरोपी फरार है और पाकिस्तान में मौजूद है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने NIA की याचिका को मंजूरी देते हुए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
NIA के अनुसार, अबू सुमामा को आतंकी नेटवर्क के लिए टेरर फाइनेंसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े काम संभालने वाला प्रमुख व्यक्ति माना जाता है। एजेंसी की जांच में उसके कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के ऑपरेटिव्स के साथ संपर्क और आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने की भूमिका की बात सामने आई है।
हाफिज सईद के खिलाफ भी जारी हो चुका है वारंट
इस मामले में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब जम्मू की NIA स्पेशल कोर्ट पहले ही पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 जुलाई को अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े मामले में हाफिज सईद के खिलाफ यह वारंट जारी किया था। NIA ने इससे पहले उसके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की थी।
पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा मामला
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और उसके जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सहयोगियों के खिलाफ जांच तेज कर दी है।
NIA की ताजा कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
हालांकि, अबू सुमामा के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच एजेंसी के दावों और अदालत में पेश किए गए रिकॉर्ड पर आधारित हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी।



