JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल, जम्मू
शारदीय नवरात्रों के दौरान श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले दिव्यांग श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से पिछले करीब आठ वर्षों से दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि उन्हें माता के भवन तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आम दिनों में भी दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए श्राइन बोर्ड की ओर से विशेष व्यवस्था रहती है। अर्धकुंवारी से भवन तक निशुल्क बैटरी कार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं नवरात्रों के दौरान इन सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया जाता है।
दर्शनी ड्योढ़ी से मिलेगी घोड़ा-पालकी और बैटरी कार की सुविधा
नवरात्रों के दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शनी ड्योढ़ी से आगे की यात्रा के लिए निशुल्क घोड़ा-पालकी के साथ बैटरी कार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर श्राइन बोर्ड की टीमें तैनात रहती हैं, जो जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सहायता करती हैं।
दर्शनी ड्योढ़ी, बाणगंगा, अर्धकुंवारी और भवन क्षेत्र में तैनात कर्मचारी दिव्यांग श्रद्धालुओं को उपलब्ध सुविधाओं तक पहुंचाने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने में सहयोग करते हैं।
भवन में प्राथमिकता के आधार पर दर्शन
दिव्यांग श्रद्धालुओं के भवन पहुंचने के बाद भी उनकी सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दर्शन करवाने की व्यवस्था रहती है, जिससे उन्हें लंबे समय तक कतार में खड़े रहने की परेशानी से राहत मिल सके।
इसके अलावा श्राइन बोर्ड की ओर से दिव्यांग श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। दर्शन के बाद कटड़ा वापस लौटने तक आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
पहचान पत्र दिखाना जरूरी
इन विशेष सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांग श्रद्धालुओं को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना आवश्यक है। यात्रा शुरू करने से पहले कटड़ा स्थित श्राइन बोर्ड के निहारिका परिसर कार्यालय में पहचान पत्र प्रस्तुत कर संबंधित सुविधाओं के लिए जानकारी और सहायता ली जा सकती है।
इसके बाद श्रद्धालु की जरूरत के अनुसार यात्रा मार्ग पर तैनात श्राइन बोर्ड की टीमें उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराती हैं।
नवरात्र में बढ़ जाती है दिव्यांग श्रद्धालुओं की संख्या
श्राइन बोर्ड की इन सुविधाओं का सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 40 से 50 दिव्यांग श्रद्धालु लाभ उठाते हैं। नवरात्रों के दौरान माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ दिव्यांग श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि होती है।
नवरात्रों के दौरान प्रतिदिन करीब 80 से 100 दिव्यांग श्रद्धालु इन निशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। बैटरी कार, घोड़ा-पालकी, प्राथमिकता के आधार पर दर्शन और निशुल्क भोजन जैसी सुविधाएं दिव्यांग श्रद्धालुओं के साथ आने वाले परिवार के सदस्यों के लिए भी यात्रा को आसान बनाती हैं।
बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्था पर विचार
आगामी नवरात्रों को देखते हुए बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्थाएं किए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम फैसला और सुविधाओं का स्वरूप श्राइन बोर्ड की ओर से तय किया जाना अभी बाकी है।
श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए की जा रही ये व्यवस्थाएं इस बात पर केंद्रित हैं कि शारीरिक रूप से असमर्थ श्रद्धालु भी बिना अनावश्यक परेशानी के माता के दरबार तक पहुंचकर दर्शन कर सकें।



