JNM पत्रकार हरदीप जम्वाल | जम्मू
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती अरनिया क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में बिहार के एक युवक को हिरासत में लिया है। युवक की पहचान तारा चंद सदादा, निवासी शोरिगौना, जिला अररिया, बिहार के रूप में हुई है। वह अरनिया में किराये के मकान में रहकर मजदूरी करता था।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई अरनिया के सीमावर्ती क्षेत्र काकू दे कोठे में की गई। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को युवक की गतिविधियों को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
मोबाइल फोन की जांच में मिले पाकिस्तानी नंबर
सूत्रों के मुताबिक, युवक के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कुछ पाकिस्तानी मोबाइल नंबर मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां इस आशंका की भी जांच कर रही हैं कि कहीं युवक ने वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) के जरिए पाकिस्तान में मौजूद किसी संदिग्ध व्यक्ति या हैंडलर से संपर्क तो नहीं किया था।
हालांकि, मोबाइल में मिले इन नंबरों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था और क्या युवक का किसी संदिग्ध नेटवर्क से वास्तव में कोई संबंध है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
संपर्क और मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही एजेंसियां
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीपीओ आरएसपुरा गुरमीत सिंह भी अरनिया थाने पहुंचे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां युवक से पूछताछ करने के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन में मौजूद नंबरों, संपर्कों और अन्य जानकारियों को खंगाल रही हैं।
सीमावर्ती इलाका होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक किन लोगों के संपर्क में था और उसके मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबरों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी
फिलहाल पुलिस ने युवक के खिलाफ लगाए जा रहे किसी भी संभावित आरोप की पुष्टि नहीं की है। एसडीपीओ आरएसपुरा गुरमीत सिंह ने भी कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच में कुछ सामने आने के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है।
सुरक्षा एजेंसियां युवक के संपर्कों और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पाकिस्तानी नंबरों से उसका संपर्क किस वजह से था और क्या उसका किसी संदिग्ध नेटवर्क से कोई संबंध था।



